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  <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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  <description>thinQ360 — राजस्थान और भारत की ताज़ा खबरें, राजनीति, अपराध, खेल और मनोरंजन</description>
  <language>hi</language>
  <lastBuildDate>Sat, 06 Jun 2026 00:08:38 +0530</lastBuildDate>
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    <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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  <item>
    <title>डॉ. महेंद्र कुमावत ने संभाला BJP ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष पद</title>
    <link>https://thinq360.com/dr-mahendra-kumawat-takes-charge-as-bjp-rajasthan-obc-morcha-president</link>
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    <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 00:08:38 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में डॉ. महेंद्र कुमावत ने ओबीसी मोर्चा का पदभार संभाला। नई टीम पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा को नया नेतृत्व मिल गया है। डॉ. महेंद्र कुमावत ने शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। यह समारोह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने डॉ. कुमावत और उनकी नई टीम को शुभकामनाएं दीं। समारोह में मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री निर्मल कुमावत, मोर्चा प्रभारी छगन माहुर, और प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।</p>
<h2>मदन राठौड़ ने दी नई टीम को बधाई</h2>
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डॉ. महेंद्र कुमावत और उनकी नई टीम को बधाई देते हुए संगठन में ओबीसी मोर्चा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओबीसी मोर्चा पार्टी की रीढ़ की हड्डी है।</p>
<p>राठौड़ ने विश्वास जताया कि इस नई और ऊर्जावान टीम के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग का सशक्तिकरण और भी तेजी से होगा। उन्होंने टीम को पूरी लगन से काम करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<h3>संगठन को मजबूत करने का आह्वान</h3>
<p>इस मौके पर पूर्व मोर्चा अध्यक्ष चम्पालाल गेदर, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहरसिंह जोधा और बिहारी लाल विश्नोई ने भी नए अध्यक्ष का स्वागत किया। सभी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया।</p>
<h2>हर बूथ को अजेय बनाने का संकल्प: डॉ. कुमावत</h2>
<p>पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. महेंद्र कुमावत ने केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन जैसे सामान्य कार्यकर्ता पर जो विश्वास दिखाया है, वह उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।</p>
<blockquote>हमारी नई टीम पूरी ऊर्जा के साथ ओबीसी समाज के कल्याण, सामाजिक समरसता और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर गांव, ढाणी और बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा संकल्प हर बूथ पर संगठन को अजेय बनाना है।</blockquote>
<p>डॉ. कुमावत ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करना और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।</p>
<h3>पदभार ग्रहण के बाद पहली बैठक</h3>
<p>पदभार ग्रहण समारोह के तुरंत बाद डॉ. महेंद्र कुमावत की अध्यक्षता में नवगठित प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई। इस बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक में आगामी सांगठनिक प्रवासों, जिला सम्मेलनों और पिछड़ा वर्ग संवाद अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके साथ ही संगठन के सुचारू संचालन के लिए पदाधिकारियों के बीच संभागों और जिलों के प्रभार का आवंटन भी किया गया। यह कदम संगठन को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>&quot;एक पेड़ माँ के नाम&quot;: भाजपा का पर्यावरण संरक्षण महाअभियान</title>
    <link>https://thinq360.com/bjp-launches-ek-ped-maa-ke-naam-campaign-on-world-environment-day-jaipur</link>
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    <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 00:05:15 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान। मदन राठौड़ ने कहा- पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की शुरुआत की। जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में पौधारोपण कर इस राष्ट्रव्यापी अभियान का आगाज किया गया।</p>
<h2>"एक पेड़ माँ के नाम": मातृत्व और प्रकृति का सम्मान</h2>
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अनूठी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रकृति संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।</p>
<p>इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। राठौड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश के हर जिले और मंडल स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी आम लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना है।</p>
<h3>पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन</h3>
<p>मदन राठौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।</p>
<blockquote>"हमारा लक्ष्य लगाए गए पौधों का सर्वाइवल रेट शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है। इसके लिए नियमित निगरानी और देखभाल की व्यवस्था की जा रही है," राठौड़ ने कहा।</blockquote>
<p>उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर इसे एक जन आंदोलन का रूप दें। हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़कर पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।</p>
<h2>विकास और पर्यावरण में संतुलन: राठौड़ का गहलोत को जवाब</h2>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए यदि कोई पेड़ काटना भी पड़ता है, तो सरकार संतुलन बनाकर चलती है।</p>
<p>राठौड़ ने बताया कि नियमों के अनुसार, विकास परियोजनाओं के लिए एक पेड़ काटने के बदले 20 नए पौधे लगाने की अनिवार्य शर्त है। यह शर्त सड़क चौड़ीकरण से लेकर औद्योगिक विकास तक सभी परियोजनाओं पर लागू होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को न केवल पौधारोपण करना होता है, बल्कि इसका प्रमाण भी प्रस्तुत करना पड़ता है। यह कदम विकास और पर्यावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए उठाया गया है।</p>
<p>अंत में, राठौड़ ने सभी से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण दे सकें।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सिरोही: स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों का घोटाला, CMHO पर FIR</title>
    <link>https://thinq360.com/sirohi-health-department-nhm-scam-fir-against-cmho</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 21:47:26 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[सिरोही में NHM बजट में करोड़ों के घोटाले का आरोप, एसीबी ने CMHO समेत अन्य पर केस दर्ज कर जांच शुरू की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सिरोही | </strong>सिरोही जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के बजट में करोड़ों रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी और डिप्टी सीएमएचओ सत्यप्रकाश शर्मा समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।</p>
<p>यह कार्रवाई भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री की शिकायत पर हुई है। शिकायत में एनएचएम बजट में वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर प्रक्रियाओं में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।</p>
<h2>क्या हैं मुख्य आरोप?</h2>
<p>शिकायतकर्ता रोहित खत्री ने अधिकारियों पर अनावश्यक खरीददारी करने और मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना को ठीक से लागू न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे आमजन को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p>इसके अलावा, प्रशासनिक पदों के दुरुपयोग और जनस्वास्थ्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का भी उल्लेख किया गया है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों पर अवैध मासिक वसूली के भी आरोप लगाए हैं।</p>
<h3>जांच के कई स्तर</h3>
<p>एसीबी मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा विभाग को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला कलेक्टर ने भी आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है, जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>हालांकि, अभी तक किसी भी स्तर की जांच पूरी नहीं हुई है और मामला पूरी तरह से जांच के अधीन है।</p>
<h2>सीएमएचओ ने आरोपों को नकारा</h2>
<p>इस पूरे मामले पर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता व्यक्तिगत लाभ के लिए उन्हें टारगेट कर रहा है।</p>
<blockquote>डॉ. खराड़ी ने कहा, "रोहित खत्री ने मेरे और डिप्टी सीएमएचओ के खिलाफ पिछले एक साल में कई शिकायत की हैं। हर बार जांच में सही पाए जाने पर वह किसी अन्य अधिकारी को शिकायत तोड़ मरोड़ कर करता है।"</blockquote>
<p>अब जांच पूरी होने के बाद ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग में इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और सभी की निगाहें एसीबी की जांच पर टिकी हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>गोचर भूमि पर डामर प्लांट: VDO को नोटिस, सरपंच पर भी गिरेगी गाज</title>
    <link>https://thinq360.com/sojat-road-illegal-noc-vdo-gets-notice-sarpanch-faces-action</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:29:16 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[सोजत रोड़ में गोचर भूमि पर अवैध NOC देने पर ग्राम विकास अधिकारी को 16 सीसी का नोटिस, सरपंच पर भी कार्रवाई।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोजत रोड़ | </strong>निकटवर्ती केलवाज ग्राम पंचायत में गोचर भूमि पर अवैध रूप से डामर प्लांट के लिए एनओसी जारी करने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को 16 सीसी का नोटिस जारी किया है, जबकि सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।</p>
<p>यह कार्रवाई thinQ 360 द्वारा 28 मई को प्रकाशित खबर के बाद हुई है, जिसमें इस मामले का खुलासा किया गया था।</p>
<h2>प्रशासनिक जांच और कार्रवाई</h2>
<p>जिला परिषद के सीईओ मुकेश चौधरी ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी विवेकसिंह को 16 सीसी का नोटिस थमाया गया है।</p>
<p>वहीं, सरपंच अमरसिंह जैतावत के खिलाफ कार्रवाई के लिए संभागीय आयुक्त को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है।</p>
<p>चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोचर भूमि पर चल रहे डामर प्लांट को जब्त करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं।</p>
<blockquote>चौधरी ने बताया कि गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो सकती हैं। हम किसी भी ग्राम पंचायत को गोचर भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे।</blockquote>
<h3>खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन</h3>
<p>thinQ 360 ने गत 28 मई को गोचर भूूूमि पर बेधडक़ चल रहा डामर प्लांट, फैल रहा प्रदूषण के शिर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई।</p>
<p>खबर में बताय गया की सरपंच अमरसिंह जैतावत व ग्राम विकास अधिकारी ने नियम विरुद्व जाकर डामर प्लांट संचालन के लिए ग्राम पंचायत की ओर से एनओसी जारी कर दी गई। ग्राम पंचायत गोचर भूमि में किसी भी प्रकार की व्यवसायकि गतिविधियों के लिए एनओसी जारी नहीं कर सकती है।</p>
<p>खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी ने टीम बना कर जांच के लिए भेजा। टीम ने केलवाज ग्राम पंचायत जाकर गोचर भूमि में चल रहा डामर प्लांट देखा और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट सौप दी।</p>
<p>रिपोर्ट के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को 16 सीसी का नोटिस थमाया। जबकि सरपंच के खिलाफ कार्रवाही करने के लिए संभागीय आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अफगानिस्तान टेस्ट में नंबर-3 पर कौन करेंगे बल्लेबाजी</title>
    <link>https://thinq360.com/who-will-bat-at-number-3-in-the-afghanistan-test</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 15:17:14 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="151" data-end="512"><strong data-start="151" data-end="168">न्यू चंडीगढ़:</strong> भारतीय टीम के हेड कोच <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gautam Gambhir</span></span> ने अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले बड़ा अपडेट दिया है। गंभीर ने शुक्रवार को पुष्टि की कि युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sai Sudharsan</span></span> अफगानिस्तान के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में खेले जाने वाले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करेंगे।</p>
<p data-start="514" data-end="757">मैच पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट साई सुदर्शन को लगातार मौके देने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि सुदर्शन को अब तक खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं और भविष्य में उन्हें अधिक मैच खिलाए जाएंगे।</p>
<p data-start="759" data-end="1030">गंभीर ने कहा, <em data-start="773" data-end="1030">"हम सिर्फ 11 खिलाड़ी ही चुन सकते हैं। साई खराब फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने आईपीएल में 700 रन बनाए हैं। अगर हम किसी खिलाड़ी को सिर्फ चार-पांच मैचों के आधार पर जज करेंगे तो हम कभी मजबूत खिलाड़ी तैयार नहीं कर पाएंगे। इसलिए अब उन्हें ज्यादा मौके दिए जाएंगे।"</em></p>
<h3 data-section-id="1a6fir7" data-start="1032" data-end="1061">नंबर-3 की तलाश अब भी जारी</h3>
<p data-start="1063" data-end="1336">भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 का स्थान लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। दिग्गज बल्लेबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Cheteshwar Pujara</span></span> के टीम से बाहर होने के बाद इस अहम पोजीशन पर कई खिलाड़ियों को आजमाया गया, लेकिन अब तक कोई भी बल्लेबाज इस स्थान पर स्थायी दावा पेश नहीं कर सका है।</p>
<p data-start="1338" data-end="1526">पुजारा के बाद भारत ने टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 पर सात अलग-अलग बल्लेबाजों को मौका दिया। हालांकि अधिकांश खिलाड़ियों को लगातार अवसर नहीं मिले, जिसके कारण यह स्थान अब भी स्थिर नहीं हो पाया है।</p>
<h3 data-section-id="1p8wz9o" data-start="1528" data-end="1559">गिल के बाद सुदर्शन पर भरोसा</h3>
<p data-start="1561" data-end="1881">टेस्ट कप्तान <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Shubman Gill</span></span> चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने लगे हैं। इससे पहले वह नंबर-3 पर सबसे लंबे समय तक खेलने वाले बल्लेबाज रहे। उनके अलावा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Washington Sundar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Dhruv Jurel</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Devdutt Padikkal</span></span> को भी इस भूमिका में आजमाया जा चुका है।</p>
<p data-start="1883" data-end="2081" data-is-last-node="" data-is-only-node="">अब टीम मैनेजमेंट ने साई सुदर्शन पर भरोसा जताया है। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला यह टेस्ट मैच युवा बल्लेबाज के लिए खुद को नंबर-3 के स्थायी दावेदार के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर होगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>दुनिया में सस्ता, भारत में महंगा हुआ सोना</title>
    <link>https://thinq360.com/gold-becomes-cheaper-in-the-world-but-expensive-in-india</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 15:10:53 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="168" data-end="491"><strong data-start="168" data-end="182">नई दिल्ली:</strong> मई 2026 में वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन भारत में इसके उलट सोना महंगा हो गया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा <strong data-start="329" data-end="357">&lsquo;गोल्ड मार्केट कमेंट्री&rsquo;</strong> रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 1.4 फीसदी घटे, जबकि भारत में कीमतों में 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।</p>
<p data-start="493" data-end="679">रिपोर्ट के मुताबिक, मई के अंत तक वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत 4,546 डॉलर प्रति औंस रही। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दुनिया में सोना सस्ता हो रहा है तो भारत में इसके दाम क्यों बढ़ रहे हैं?</p>
<h3 data-section-id="15blchn" data-start="681" data-end="723">इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से महंगा हुआ सोना</h3>
<p data-start="725" data-end="978">विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह सरकार द्वारा आयात शुल्क (Import Duty) में की गई बढ़ोतरी है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया। यह नई दर 13 मई 2026 से लागू हुई।</p>
<p data-start="980" data-end="1124">ड्यूटी बढ़ने के बाद विदेशों से आयात होने वाला सोना ज्वैलर्स के लिए महंगा पड़ने लगा, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दिखाई दिया।</p>
<h3 data-section-id="1986hz6" data-start="1126" data-end="1163">रुपये की कमजोरी ने भी बढ़ाया दबाव</h3>
<p data-start="1165" data-end="1398">भारत में सोने की कीमतें बढ़ने की दूसरी बड़ी वजह रुपये में आई कमजोरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है। ऐसे में जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयातित सोना भारतीय खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है।</p>
<p data-start="1400" data-end="1529">विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वैश्विक बाजार में सोने के दाम घट जाएं, लेकिन रुपये की कमजोरी घरेलू कीमतों को ऊपर बनाए रख सकती है।</p>
<h3 data-section-id="c46qtp" data-start="1531" data-end="1581">मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग</h3>
<p data-start="1583" data-end="1820">मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों को समर्थन देने वाला महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और अनिश्चितता के माहौल के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।</p>
<p data-start="1822" data-end="1918">इस बढ़ी हुई मांग ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।</p>
<h3 data-section-id="1p6lscb" data-start="1920" data-end="1975">भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ताओं में शामिल</h3>
<p data-start="1977" data-end="2245">भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में से एक है। शादी-विवाह, त्योहारों और निवेश के लिए देश में सोने की मांग लगातार बनी रहती है। ऐसे में आयात शुल्क, विनिमय दर और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे कारक भारतीय बाजार में सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>आंखें बार-बार सूखती हैं? फोन नहीं, ये 5 आदतें हैं जिम्मेदार</title>
    <link>https://thinq360.com/causes-of-dry-eyes-beyond-screen-time-expert-advice</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 15:10:23 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>लाइफ स्टाइल</category>
    <description><![CDATA[स्क्रीन टाइम के अलावा, आई स्पेशलिस्ट ने बताए आंखों में सूखेपन के 5 बड़े कारण, जिनसे आप अब तक अनजान थे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>आजकल आंखों में सूखापन, जलन या खुजली होना एक आम समस्या बन गई है। जैसे ही हमारी आंखें सूखने लगती हैं, हम इसका सारा दोष मोबाइल, लैपटॉप या टीवी पर डाल देते हैं। बेशक, लंबा स्क्रीन टाइम एक बड़ी वजह है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कुछ छिपे हुए कारण भी हो सकते हैं?</p>
<p>आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर हेमलता यादव के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी आंखों की नमी को खत्म कर सकती हैं। इन कारणों पर अक्सर हमारा ध्यान नहीं जाता, लेकिन ये हमारी आंखों के स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं।</p>
<h2>फोन के अलावा ड्राई आई के 5 प्रमुख कारण</h2>
<p>आइए उन पांच प्रमुख कारणों के बारे में जानते हैं जो स्क्रीन टाइम के अलावा आपकी आंखों में सूखेपन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।</p>
<h3>1. एसी और पंखे की सीधी हवा</h3>
<p>गर्मियों में एसी या तेज पंखे की हवा में सोना आरामदायक लगता है, लेकिन यह आपकी आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।</p>
<p>जब रातभर एसी या पंखे की सीधी हवा आपके चेहरे पर पड़ती है, तो यह आंखों की प्राकृतिक नमी और आंसूओं को तेजी से सुखा देती है। इसी वजह से सुबह उठने पर आंखें सूखी और लाल महसूस होती हैं।</p>
<h3>2. कुछ खास दवाइयों का असर</h3>
<p>यदि आप किसी बीमारी के लिए नियमित रूप से दवाइयां ले रहे हैं, तो यह भी ड्राई आई का एक कारण हो सकता है।</p>
<blockquote>आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर हेमलता यादव के अनुसार, "हाई ब्लड प्रेशर, एलर्जी (एंटीहिस्टामाइन), डिप्रेशन या नींद की कुछ दवाइयां शरीर में तरल पदार्थ के निर्माण को प्रभावित करती हैं, जिससे आंखों में आंसू बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।"</blockquote>
<p>इन दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर से इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में जरूर पूछें।</p>
<h3>3. कांटेक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल</h3>
<p>जो लोग चश्मे की जगह कांटेक्ट लेंस पहनते हैं, उनमें ड्राई आई का खतरा अधिक होता है।</p>
<p>लंबे समय तक लेंस लगाए रखना, खराब क्वालिटी के लेंस का उपयोग करना या उनकी सफाई का ध्यान न रखना, आंखों तक ऑक्सीजन की सप्लाई को बाधित करता है। इससे आंसू बनाने वाली परत को नुकसान पहुंचता है।</p>
<h3>4. बढ़ती उम्र और हार्मोनल बदलाव</h3>
<p>उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिसका असर आंखों पर भी पड़ता है। 40-50 साल की उम्र के बाद, आंखों में आंसू बनने की क्षमता स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है।</p>
<p>खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण ड्राई आई की समस्या बहुत आम हो जाती है।</p>
<h3>5. मेकअप प्रोडक्ट्स और आई लैशेज</h3>
<p>काजल, आईलाइनर, मस्कारा या नकली आईलैशेज का इस्तेमाल भी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>
<p>अगर मेकअप प्रोडक्ट्स अच्छी क्वालिटी के नहीं हैं या रात में सोने से पहले उन्हें ठीक से साफ नहीं किया जाता, तो वे आंखों के किनारों पर मौजूद तेल बनाने वाली ग्रंथियों (Meibomian Glands) को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे सूखापन बढ़ता है।</p>
<h2>ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण</h2>
<p>क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ड्राई आई सिंड्रोम के कुछ प्रमुख लक्षण हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है:</p>
<ul>
<li>नजर का धुंधला हो जाना।</li>
<li>आंखों में लगातार जलन या चुभन महसूस होना।</li>
<li>तेज रोशनी या धूप के प्रति संवेदनशीलता।</li>
<li>आंखों से पानी बहना या सफेद डिस्चार्ज निकलना।</li>
</ul>
<p>आंखों का स्वास्थ्य हमारी जीवनशैली से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। सिर्फ स्क्रीन टाइम को कम करना ही काफी नहीं है, बल्कि हमें अपनी अन्य आदतों पर भी ध्यान देना होगा। यदि आपको ड्राई आई के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर कदम है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर नहीं की तो रिटायरमेंट पेंशन पर पड़ सकता है असर</title>
    <link>https://thinq360.com/failure-to-transfer-eps-service-history-may-impact-retirement-pension</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 14:34:56 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली:</strong> नौकरी बदलने के बाद अधिकांश कर्मचारी अपना कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) बैलेंस ट्रांसफर या निकालने की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं और मान लेते हैं कि उनका काम खत्म हो गया है। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इसी चरण में कई लोग एक महत्वपूर्ण गलती कर बैठते हैं, जिसका असर रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत EPF के साथ-साथ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) भी संचालित होती है। जहां EPF कर्मचारी की बचत से जुड़ा होता है, वहीं EPS नौकरी की सेवा अवधि का रिकॉर्ड रखता है और भविष्य में मिलने वाली पेंशन इसी आधार पर तय होती है।</p>
<h2>EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करना क्यों जरूरी?</h2>
<p class="isSelectedEnd">विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी ने पुरानी नौकरी का PF बैलेंस निकाल लिया है, तब भी उसकी EPS सर्विस हिस्ट्री स्वतः नए खाते में ट्रांसफर नहीं होती। EPS का रिकॉर्ड पुराने मेंबर आईडी के साथ बना रहता है, जिसे अलग से ट्रांसफर कराना आवश्यक होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो नौकरी के कुछ वर्षों का रिकॉर्ड पेंशन योग्य सेवा अवधि में शामिल नहीं हो पाता। इसका सीधा असर भविष्य में मिलने वाली पेंशन की राशि पर पड़ सकता है।</p>
<h2>10 साल की सेवा अवधि का नियम</h2>
<p class="isSelectedEnd">EPS के तहत मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए सामान्यतः कम से कम 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा आवश्यक होती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी बदलने के दौरान कई बार EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर नहीं की, तो उसकी सेवा अवधि अलग-अलग हिस्सों में बंट सकती है। इससे पेंशन की पात्रता और राशि दोनों प्रभावित हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अच्छी बात यह है कि भले ही पुराने खाते में PF बैलेंस शून्य हो, EPS सर्विस हिस्ट्री को नए खाते में ट्रांसफर कराया जा सकता है।</p>
<h2>EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करने की प्रक्रिया</h2>
<ol start="1" data-spread="false">
<li>EPFO के यूनिफाइड पोर्टल पर लॉगिन करें।</li>
<li>UAN और पासवर्ड की मदद से अकाउंट एक्सेस करें।</li>
<li><strong>Online Services</strong> सेक्शन में जाएं।</li>
<li><strong>Transfer Request</strong> विकल्प चुनें।</li>
<li><strong>Form 13</strong> के माध्यम से ट्रांसफर अनुरोध दर्ज करें।</li>
<li>पुरानी PF मेंबर आईडी भरें, जिसमें EPS रिकॉर्ड मौजूद है।</li>
<li>वर्तमान नियोक्ता या मौजूदा PF संस्थान को ट्रांसफरी एस्टैब्लिशमेंट के रूप में चुनें।</li>
<li>सत्यापन के लिए पुराने या वर्तमान नियोक्ता में से किसी एक का चयन करें।</li>
<li>आवेदन सबमिट करें।</li>
<li>मंजूरी मिलने के बाद EPS सर्विस हिस्ट्री नए खाते से जुड़ जाएगी।</li>
</ol>
<p class="isSelectedEnd">कर्मचारी <strong>Track Transfer Request</strong> विकल्प के जरिए आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।</p>
<h2>ट्रांसफर के दौरान इन गलतियों से बचें</h2>
<p class="isSelectedEnd">EPS ट्रांसफर में देरी या अस्वीकृति के पीछे कुछ सामान्य कारण होते हैं:</p>
<ul data-spread="false">
<li>UAN में नाम या जन्मतिथि की त्रुटि</li>
<li>KYC अपडेट न होना</li>
<li>पुरानी कंपनी द्वारा एग्जिट डेट अपडेट न करना</li>
<li>रिकॉर्ड में जानकारी का मेल न खाना</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">फॉर्म जमा करने से पहले कर्मचारियों को अपने UAN, KYC और नौकरी से संबंधित विवरणों की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।</p>
<h2>सर्विस हिस्ट्री कैसे जांचें?</h2>
<p class="isSelectedEnd">EPFO पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद <strong>View</strong> सेक्शन में जाकर <strong>Service History</strong> विकल्प चुनें। यहां यह देखा जा सकता है कि आपकी सभी नौकरियां UAN से जुड़ी हुई हैं या नहीं।</p>
<p>यदि किसी कंपनी का नाम या सेवा अवधि दिखाई नहीं दे रही है, तो रिकॉर्ड में गैप हो सकता है। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द Form 13 के माध्यम से रिकॉर्ड अपडेट कराने की सलाह दी जाती है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>गिरल माइंस धरने पर बैठे श्रमिक जैसाराम मेघवाल की मौत</title>
    <link>https://thinq360.com/jaisaram-meghwal-a-worker-sitting-on-strike-at-giral-mines-died</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 14:12:15 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="192" data-end="586"><strong data-start="192" data-end="204">बाड़मेर।</strong> राजस्थान के बाड़मेर जिले में औद्योगिक विकास और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। गिरल माइंस के बाहर अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से धरने पर बैठे स्थानीय श्रमिक जैसाराम मेघवाल का निधन हो गया। धरने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल बाड़मेर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p data-start="588" data-end="897">घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रमिक जिला अस्पताल पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिव विधायक <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">रविंद्र सिंह भाटी</span></span> भी अपने समर्थकों के साथ जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।</p>
<h3 data-section-id="18uzejr" data-start="899" data-end="950"><span role="text"><strong data-start="903" data-end="950">प्रशासन और माइंस प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप</strong></span></h3>
<p data-start="952" data-end="1175">विधायक भाटी ने इस दुखद घटना के लिए स्थानीय प्रशासन और गिरल माइंस प्रबंधन के रवैये को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों की मांगों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही थी और प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की।</p>
<p data-start="1177" data-end="1412">सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में भाटी ने कहा कि स्वर्गीय जैसाराम मेघवाल उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने देश और प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें सरकार को सौंप दी थीं, लेकिन बदले में उन्हें उपेक्षा और संघर्ष ही मिला।</p>
<h3 data-section-id="jbtgab" data-start="1414" data-end="1469"><span role="text"><strong data-start="1418" data-end="1469">&lsquo;दो महीने से धरने पर बैठे थे, प्रशासन सोता रहा&rsquo;</strong></span></h3>
<p data-start="1471" data-end="1778">भाटी ने अपने बयान में लिखा कि जैसाराम मेघवाल पिछले करीब दो महीनों से अपनी जायज मांगों को लेकर भीषण गर्मी और धूल भरे माहौल में गिरल माइंस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान न तो प्रशासन ने उनकी सुध ली और न ही संबंधित अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया।</p>
<p data-start="1780" data-end="2019">विधायक ने कहा, &ldquo;जिन लोगों ने विकास के नाम पर अपनी जमीनें दीं, आज वही लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन तब भी निष्क्रिय रहा और आज एक श्रमिक की जान जाने के बाद भी कोई जवाबदेही तय नहीं हो रही है।&rdquo;</p>
<h3 data-section-id="gj9d04" data-start="2021" data-end="2067"><span role="text"><strong data-start="2025" data-end="2067">मौत के बाद बढ़ा तनाव, कार्रवाई की मांग</strong></span></h3>
<p data-start="2069" data-end="2343">जैसाराम मेघवाल की मौत के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>BJP छोड़ अन्नामलाई ने बनाई नई पार्टी, लड़ेंगे चुनाव</title>
    <link>https://thinq360.com/annamalai-quits-bjp-launches-new-political-party-in-tamil-nadu</link>
    <guid isPermaLink="true">https://thinq360.com/annamalai-quits-bjp-launches-new-political-party-in-tamil-nadu</guid>
    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 13:19:51 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[बीजेपी से इस्तीफे के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई | </strong>तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।</p>
<h2>नई पार्टी का ऐलान और चुनावी रणनीति</h2>
<p>अपनी नई पार्टी की घोषणा करते हुए अन्नामलाई ने कहा, "आज हम एक नए आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु के अगले विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी। यह कदम उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा संकेत है।</p>
<p>अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजहों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा विवाद था कि मैं BJP का आदमी हूं या तमिलियन।</p>
<blockquote>मैंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। पार्टी ने मुझसे चुनाव खत्म करने और फिर जाने को कहा।</blockquote>
<p>यह बयान उनके और पार्टी के बीच चल रहे मतभेदों को उजागर करता है।</p>
<h3>नेतृत्व से क्यों थे मतभेद?</h3>
<p>सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच तमिलनाडु के मुद्दों को लेकर गंभीर मतभेद थे। अपने इस्तीफे में उन्होंने बीजेपी नेतृत्व का आभार जताया, लेकिन यह भी लिखा कि राज्य के मुद्दों पर उनके और पार्टी के विचार मेल नहीं खाते।</p>
<p>यह घटनाक्रम उनकी नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के तीन दिन बाद हुआ है। इस मुलाकात में शायद कोई हल नहीं निकल पाया।</p>
<h2>बीजेपी का प्रदर्शन और अन्नामलाई का प्रभाव</h2>
<p>अन्नामलाई के इस कदम की अटकलें काफी समय से लगाई जा रही थीं, खासकर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खराब प्रदर्शन के बाद। एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में लड़ते हुए बीजेपी केवल 3 प्रतिशत वोट ही हासिल कर सकी थी।</p>
<p>हालांकि, अन्नामलाई के नेतृत्व में 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का वोट शेयर 3 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया था। इसके बावजूद पार्टी कोई भी सीट जीतने में नाकाम रही।</p>
<p>उनके जन्मदिन से पहले कोयंबटूर में 'हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए' जैसे पोस्टर भी देखे गए थे, जिससे इन चर्चाओं को और बल मिला था।</p>
<h3>आगे की राह</h3>
<p>चुनावी नतीजों और एआईएडीएमके के साथ तनावपूर्ण संबंधों के चलते 2025 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।</p>
<p>अब अपनी नई पार्टी के साथ अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीति में एक नई पारी खेलने के लिए तैयार हैं। देखना यह होगा कि वह द्रविड़ राजनीति के गढ़ में कितना प्रभाव डाल पाते हैं और क्या वह बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगा पाएंगे।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ऋतिक रोशन को नहीं मिल रहे मनचाहे रोल, बनना चाहते हैं विलेन</title>
    <link>https://thinq360.com/hrithik-roshan-wants-to-play-negative-roles-like-zaffar-khan</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:40:09 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>शख्सियत</category>
    <description><![CDATA[अभिनेता ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त की, कहा- 'डायरेक्टर्स मुझे सिर्फ अच्छे इंसान के रोल में देखना चाहते हैं।']]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई | </strong>बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले ऋतिक रोशन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट किया, जिसने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। उन्होंने खुलासा किया कि वह अपनी हीरो वाली इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मनचाहे रोल नहीं मिल रहे हैं।</p>
<h2>ऋतिक रोशन ने सोशल मीडिया पर जाहिर किया दर्द</h2>
<p>गुरुवार को ऋतिक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पेरिस से एक सेल्फी पोस्ट की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने अपने दिल की बात भी साझा की, जो उनके किरदारों के चुनाव से जुड़ी थी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वह कुछ समय से इस बात पर सोच रहे थे कि वह किस तरह के किरदार निभाना चाहते हैं।</p>
<h3>क्या लिखा था पोस्ट में?</h3>
<p>ऋतिक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह जोया अख्तर की फिल्म 'लक बाय चांस' के जफर खान जैसा किरदार फिर से निभाना चाहते हैं।</p>
<blockquote>"अभी मुझसे पूछा गया कि मैं किस तरह का रोल करना चाहता हूं... 'लक बाय चांस' का जफर याद है? बस वैसा ही रोल। मैं ऐसे रोल के लिए हमेशा तैयार हूं। लेकिन डायरेक्टर मुझे सिर्फ अच्छे इंसान के रोल में ही देखना चाहते हैं। ये बहुत ही दुख की बात है।"</blockquote>
<p>इस पोस्ट से साफ है कि ऋतिक अपनी ऑन-स्क्रीन इमेज को लेकर थोड़े निराश हैं और कुछ नया आजमाना चाहते हैं।</p>
<h2>कौन है 'लक बाय चांस' का जफर खान?</h2>
<p>जोया अख्तर की 2009 में आई फिल्म 'लक बाय चांस' में ऋतिक रोशन ने एक कैमियो किया था। इस फिल्म में उनका किरदार जफर खान नाम के एक सुपरस्टार का था।</p>
<p>जफर खान बाहर से तो बहुत आकर्षक और सफल दिखता था, लेकिन अंदर से वह बेहद मतलबी और असुरक्षित था। वह अपने फायदे के लिए किसी को भी इस्तेमाल कर सकता था।</p>
<p>यह एक ग्रे-शेड वाला किरदार था, जिसे ऋतिक ने बहुत ही शानदार तरीके से निभाया था और आज भी लोग उसे याद करते हैं।</p>
<h3>जोया अख्तर का रिएक्शन</h3>
<p>ऋतिक की इस पोस्ट पर 'लक बाय चांस' की डायरेक्टर जोया अख्तर ने भी कमेंट किया। उन्होंने लिखा, "चलो कॉफी पीते हैं।" उनके इस कमेंट से फैंस उम्मीद लगा रहे हैं कि शायद दोनों जल्द ही किसी प्रोजेक्ट पर साथ काम कर सकते हैं।</p>
<h2>क्या हीरो की इमेज में फंस गए हैं ऋतिक?</h2>
<p>ऋतिक रोशन ने अपने करियर में ज्यादातर पॉजिटिव और हीरो वाले किरदार ही निभाए हैं। 'कहो ना... प्यार है' से लेकर 'फाइटर' तक, उन्हें दर्शकों ने एक हीरो के रूप में ही पसंद किया है।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने 'अग्निपथ' में विजय दीनानाथ चौहान जैसे इंटेंस और 'धूम 2' में एक स्टाइलिश चोर के किरदार से भी तारीफें बटोरी थीं।</p>
<p>उनकी हालिया पोस्ट यह दर्शाती है कि वह अब अपनी इस हीरो वाली इमेज को तोड़ना चाहते हैं और एक एक्टर के तौर पर और ज्यादा एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं।</p>
<h3>आने वाली फिल्में</h3>
<p>वर्क फ्रंट की बात करें तो ऋतिक रोशन की आखिरी फिल्म 'फाइटर' थी, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला।</p>
<p>अब वह जल्द ही 'वॉर 2' में जूनियर एनटीआर के साथ नजर आएंगे। इसके अलावा, उनके पिता राकेश रोशन 'कृष 4' पर भी काम कर रहे हैं, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार है।</p>
<p>ऋतिक की इस पोस्ट के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई डायरेक्टर उन्हें एक दमदार नेगेटिव रोल में कास्ट करने का जोखिम उठाता है या नहीं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>दुनिया में सस्ता, भारत में महंगा क्यों? जानें वजह</title>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:11:16 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[WGC रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में वैश्विक सोना 1.4% सस्ता हुआ, पर भारत में 4.1% महंगा हो गया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की एक हालिया रिपोर्ट ने सोने के बाजार में एक दिलचस्प विरोधाभास को उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में जहां वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में 1.4% की गिरावट आई, वहीं भारत में यह 4.1% महंगा हो गया।</p>
<h2>भारत में सोना महंगा क्यों हो रहा है?</h2>
<p>यह सवाल हर किसी के मन में है कि जब दुनिया में सोना सस्ता हो रहा है, तो भारतीय बाजार में इसकी कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं जो घरेलू कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं।</p>
<p>इन कारणों में सरकारी नीतियां, रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय हालात शामिल हैं। आइए इन वजहों को विस्तार से समझते हैं।</p>
<h3>आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी</h3>
<p>भारत में सोने की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण आयात शुल्क (Import Duty) में हुई भारी बढ़ोतरी है। सरकार ने हाल ही में सोने पर लगने वाले आयात शुल्क को दोगुना से भी ज्यादा कर दिया है।</p>
<p>यह शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 15 फीसदी कर दिया गया। यह नई दर 13 मई 2026 से लागू हो गई, जिसके कारण आयातित सोना ज्वैलर्स के लिए महंगा हो गया और इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ा।</p>
<h3>कमजोर रुपये का असर</h3>
<p>सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला दूसरा अहम कारक डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है।</p>
<p>जब रुपया कमजोर होता है, तो हमें उतनी ही मात्रा में सोना खरीदने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसलिए, भले ही वैश्विक कीमतें कम हों, कमजोर रुपया घरेलू बाजार में कीमतों को बढ़ा देता है।</p>
<h2>निवेश और रिटर्न का गणित</h2>
<p>कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, सोना अभी भी निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है। WGC की रिपोर्ट बताती है कि 2026 में अब तक सोने ने भारतीय निवेशकों को लगभग 17.6% का शानदार रिटर्न दिया है।</p>
<p>यही वजह है कि इसे आज भी एक सुरक्षित निवेश माना जाता है।</p>
<h3>भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव</h3>
<p>मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया है। जब भी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल बनता है, निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है।</p>
<p>भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है, इसलिए वैश्विक मांग का असर यहां भी दिखता है।</p>
<h3>पीएम मोदी की अपील और मांग में नरमी</h3>
<p>इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सोने की खरीद को लेकर एक खास अपील की थी।</p>
<blockquote>उन्होंने कहा था कि भारत की विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा सोने के आयात पर खर्च होता है, इसलिए लोगों को एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए।</blockquote>
<p>इस अपील का असर बाजार पर भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सोने की फिजिकल मांग में कुछ नरमी आई है और बाजार में डिस्काउंट पर भी सोना बिका।</p>
<p>हालांकि, केंद्रीय बैंकों, खासकर भारत और चीन द्वारा की जा रही खरीदारी से सोने की कीमतों को लंबे समय तक समर्थन मिलने की उम्मीद है। लेकिन अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत हो सकता है, जो सोने पर दबाव डाल सकता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर बवाल, 15, 17 या 20 साल?</title>
    <link>https://thinq360.com/vaibhav-sooryavanshi-age-controversy-ipl-cricket-age-fraud</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:00:53 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[IPL स्टार वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर फिर उठा सवाल, अलग-अलग रिपोर्ट में 15, 17 और 20 साल का होने का दावा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>पटना | </strong> आईपीएल में अपने प्रदर्शन से धूम मचाने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका खेल नहीं, बल्कि उनकी उम्र को लेकर छिड़ा विवाद है। आधिकारिक तौर पर 15 साल के बताए जा रहे वैभव की उम्र पर अलग-अलग रिपोर्ट्स में गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिससे भारतीय क्रिकेट में उम्र की हेराफेरी का मुद्दा फिर गरमा गया है।</p>
<h2>वैभव की उम्र का मायाजाल: 15, 17 या 20?</h2>
<p>वैभव सूर्यवंशी की उम्र को लेकर भ्रम की स्थिति तब पैदा हुई जब कई मीडिया संस्थानों ने अलग-अलग दावे पेश किए। यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की खामियों की ओर भी इशारा करता है।</p>
<h3>ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने छेड़ी नई बहस</h3>
<p>इस पूरे विवाद की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई न्यूज पोर्टल फॉक्स स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट से हुई। इस रिपोर्ट में क्रिकेट लेखक गिडियन हेग के हवाले से दावा किया गया कि वैभव की उम्र 20 साल है। हेग ने बताया कि पिछले साल जब वैभव से उनकी उम्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद को 19 साल का बताया था।</p>
<p>हेग ने लिखा, "जिस सूत्र पर मैं भरोसा करता हूं, उसने मुझे यह जानकारी दी है। उसके पास झूठ बोलने की कोई वजह नहीं होगी।" इस दावे ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी।</p>
<h3>खुद वैभव के बयान से उलझा मामला</h3>
<p>वहीं, एक स्थानीय समाचार पोर्टल 'बीएनएन न्यूज बेनीपट्टी' के साथ 2023 के एक इंटरव्यू में वैभव ने कुछ और ही कहा था। उन्होंने बताया था कि वह उस साल सितंबर में 14 साल के हो जाएंगे। इस हिसाब से उनकी उम्र इस साल 17 साल होनी चाहिए। यह उनकी कागजी उम्र से लगभग डेढ़ साल ज्यादा है।</p>
<p>आधिकारिक रिकॉर्ड्स, जैसे कि क्रिकबज पर उपलब्ध जानकारी, के अनुसार वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। इसके मुताबिक, वह अभी सिर्फ 15 साल के हैं। उन्होंने 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया था।</p>
<h2>परिवार का पक्ष और बोन टेस्टिंग का सच</h2>
<p>उम्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वैभव के परिवार ने पुरजोर तरीके से उनका बचाव किया है। उनके पिता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि उनके पास उम्र साबित करने के लिए पुख्ता सबूत हैं।</p>
<h3>पिता ने किया आरोपों का खंडन</h3>
<p>पिछले साल भी जब वैभव ने आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक बनाया था, तब भी यह मुद्दा उठा था। उस समय उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा था, "मेरे बेटे ने उम्र साबित करने के लिए बोन टेस्टिंग करवाई है।"</p>
<p>उन्होंने आगे बताया, "जब वह साढ़े आठ साल का था, तब उसने पहली बार बीसीसीआई में बोन टेस्ट दिया था। वह इंडिया अंडर-19 के लिए भी खेल चुका है। हमें किसी से डर नहीं है। वह फिर से एज टेस्ट करवा सकता है।"</p>
<h3>सोशल मीडिया पर लगे गंभीर आरोप</h3>
<p>इन दावों के बावजूद, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सूर्यवंशी और उनके परिवार पर दस्तावेजों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि उम्र कम दिखाकर उन्हें जूनियर स्तर पर अनुचित लाभ दिया गया।</p>
<h2>भारतीय क्रिकेट का पुराना मर्ज: उम्र की धोखाधड़ी</h2>
<p>भारत में युवा क्रिकेटरों द्वारा अपनी उम्र में हेरफेर करना कोई नई बात नहीं है। यह एक ऐसी समस्या है जो दशकों से भारतीय क्रिकेट की जड़ों को खोखला कर रही है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें बेहतर अवसरों की तलाश और चयनकर्ताओं को प्रभावित करना शामिल है।</p>
<h3>क्यों होती है उम्र में हेराफेरी?</h3>
<p>अक्सर कोच और माता-पिता अपने बच्चों को आयु-वर्ग के टूर्नामेंटों में खिलाने के लिए उनकी जन्मतिथि बदलवा देते हैं। कम उम्र में बड़े और मजबूत खिलाड़ी होने का फायदा मिलता है, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और चयनकर्ताओं की नजर में आ जाते हैं।</p>
<blockquote>पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने 2015 में इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा था, "यह पूरी कवायद तब शुरू होती है जब कोई कोच किसी स्थानीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ी की जन्मतिथि बदल देता है। माता-पिता भी खुशी-खुशी एक या दो साल का फायदा मान लेते हैं।"</blockquote>
<p>द्रविड़ ने स्पष्ट किया था कि गलत उम्र बताने वाला खिलाड़ी इसलिए सफल नहीं होता कि वह ज्यादा प्रतिभाशाली है, बल्कि इसलिए कि वह अपनी उम्र के बच्चों से शारीरिक रूप से ज्यादा मजबूत होता है।</p>
<h3>BCCI के सामने क्या हैं चुनौतियां?</h3>
<p>भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस समस्या से निपटने के लिए बोन टेस्टिंग जैसे उपाय अपनाए हैं। हालांकि, लोग इसका भी तोड़ निकाल रहे हैं। क्रिकबज की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, कुछ माता-पिता असली खिलाड़ियों की जगह उनके छोटे भाई-बहनों को बोन टेस्टिंग के लिए भेज देते थे।</p>
<p>यह दिखाता है कि सिस्टम में हेरफेर करने की प्रवृत्ति कितनी गहरी है। बीसीसीआई के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह कैसे इस धोखाधड़ी को पूरी तरह से रोक पाए।</p>
<p>वैभव सूर्यवंशी का मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक चेतावनी है। जब तक इस समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया जाता, तब तक असली प्रतिभाओं के साथ अन्याय होता रहेगा और सिस्टम पर सवाल उठते रहेंगे।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>धरने पर मजदूर की मौत, MLA भाटी बोले- सिस्टम जिम्मेदार</title>
    <link>https://thinq360.com/barmer-giral-mines-protestor-jaisaram-meghwal-death-mla-ravindra-singh-bhati-angry</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:54:40 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[गिरल माइंस आंदोलन में श्रमिक की मौत से हड़कंप, शिव विधायक रविंद्र भाटी ने प्रशासन पर साधा निशाना।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बाड़मेर | </strong>&nbsp;राजस्थान के बाड़मेर जिले में औद्योगिक विकास और स्थानीय अधिकारों के बीच का तनाव एक दुखद मोड़ पर पहुंच गया है। गिरल माइंस के बाहर दो महीने से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे एक श्रमिक जैसाराम मेघवाल की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/Screenshot_167.webp" alt="" width="307" height="270"></p>
<p>जैसाराम की तबीयत धरने के दौरान अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें वहां मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/Screenshot_166.webp" alt="" width="314" height="321"></p>
<h2>'सिस्टम की भेंट चढ़ा गरीब मजदूर'</h2>
<p>घटना की सूचना मिलते ही शिव विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी अपने समर्थकों के साथ जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और इस पूरी त्रासदी के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और माइंस प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।</p>
<p>विधायक भाटी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, जो तेजी से वायरल हो गया। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक संवेदनहीनता का चरम बताया।</p>
<blockquote>आज प्रशासन के पूरी तरह से तानाशाही और संवेदनहीन रवैये के कारण एक गरीब और बेकसूर मजदूर हमारे इस सरकारी सिस्टम की भेंट चढ़ गया।</blockquote>
<p>भाटी ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक पीड़ित परिवार की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगों में उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और स्थानीय लोगों के अधिकारों पर एक ठोस लिखित समझौता शामिल है।</p>
<h3>क्या है पूरा मामला?</h3>
<p>यह पूरा विवाद गिरल माइंस परियोजना से जुड़ा है, जिसके लिए स्थानीय किसानों और मजदूरों ने अपनी पुश्तैनी जमीनें दी थीं। इन लोगों का आरोप है कि सरकार और कंपनी ने विकास और रोजगार के जो वादे किए थे, वे कभी पूरे नहीं हुए।</p>
<p>पिछले 60 दिनों से, जैसाराम मेघवाल जैसे कई स्थानीय लोग भीषण गर्मी और धूल के बीच अपनी बुनियादी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही स्थायी रोजगार, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।</p>
<h2>'प्रशासन सोता रहा गहरी नींद'</h2>
<p>रविंद्र सिंह भाटी ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि जैसाराम उन लोगों में से थे जिन्होंने देश के विकास के लिए अपनी कीमती जमीनें खुशी-खुशी सरकार को सौंप दी थीं।</p>
<p>उन्होंने लिखा, &ldquo;विडंबना देखिए कि वही जैसाराम अपनी बेहद वाजिब और बुनियादी मांगों को लेकर पिछले 2 महीने से इस भीषण गर्मी में धरने पर बैठे थे। स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में तब भी सो रहे थे और आज जब एक मासूम की जान चली गई है, तब भी वे चैन की नींद सो रहे हैं।&rdquo;</p>
<p>इस घटना ने प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी आवाज को लगातार अनसुना किया जा रहा था, जिसके कारण यह दुखद परिणाम सामने आया।</p>
<h3>'और कितने गरीबों की जान लेना बाकी?'</h3>
<p>विधायक भाटी ने सरकार और अधिकारियों की अंतरात्मा को झकझोरते हुए कई कड़े सवाल पूछे। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में व्यवस्था पर सीधा प्रहार किया।</p>
<p>उन्होंने पूछा, &ldquo;आखिर इस बहरे और गूंगे सिस्टम को जगाने के लिए और कितने गरीब मजदूरों की जानें लेना बाकी रह गई है? क्या इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक गरीब को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने और हक मांगने का भी अधिकार नहीं है?&rdquo;</p>
<p>जैसाराम मेघवाल की मौत ने गिरल माइंस आंदोलन को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब यह केवल स्थानीय अधिकारों की लड़ाई नहीं रही, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ एक बड़ा प्रतीक बन गया है। इस घटना के बाद प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है और अब देखना यह होगा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>लालसिंह तुरा भिवंडी भाजपा उपाध्यक्ष नियुक्त, प्रवासियों में खुशी</title>
    <link>https://thinq360.com/lalsingh-tura-appointed-bjp-bhiwandi-city-district-vice-president</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:24:02 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[वरिष्ठ कार्यकर्ता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, महाराष्ट्र में भीनमाल और मारवाड़ी समुदाय ने किया स्वागत।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिवंडी | </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वरिष्ठ कार्यकर्ता और समाजसेवी लालसिंह तुरा को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें महाराष्ट्र में भिवंडी शहर जिला का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के बाद से ही प्रवासियों, विशेषकर भीनमाल और मारवाड़ी समुदाय में खुशी का माहौल है।<br><br></p>
<h2>संगठन को मिलेगा अनुभव का लाभ</h2>
<p>लालसिंह तुरा लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इससे पहले, वह भाजपा जिला युवा मोर्चा उपाध्यक्ष और भाजपा व्यापारी मंडल अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं।</p>
<p>उनकी सक्रियता और कार्यशैली को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी है।</p>
<blockquote>भाजपा नेताओं ने कहा, "लालसिंह तुरा का अनुभव, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसेवा का भाव पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा।"</blockquote>
<h2>प्रवासी समाज में उत्साह</h2>
<p>महाराष्ट्र के मुंबई और भिवंडी जैसे शहरों में जालोर-भीनमाल के बड़ी संख्या में प्रवासी व्यापार करते हैं। ऐसे में, अपने क्षेत्र के एक कार्यकर्ता को भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पद मिलने से प्रवासी समाज में भी उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p>गुरुवार को प्रवासियों ने उनका स्वागत करने के लिए एक कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस अवसर पर रूपसिंह राजपुरोहित, जबराराम चौधरी, तेजाराम चौधरी और हरिसिंह बागोड़ा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। यह नियुक्ति प्रवासी समुदाय के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>लॉर्ड्स टेस्ट पहले ही दिन 16 विकेट गिरे, इंग्लैंड 140 पर ढेर</title>
    <link>https://thinq360.com/lradasa-tasata-pahal-ha-thana-16-vakata-gara-igalda-140-para-dhara</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:49:01 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="97" data-end="531"><em><strong>लंदन </strong></em>के प्रतिष्ठित <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Lord's Cricket Ground</span></span> में खेले जा रहे इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहले टेस्ट मैच का पहला दिन गेंदबाजों के नाम रहा। दिनभर में कुल 16 विकेट गिरे। पहले इंग्लैंड की पहली पारी महज 140 रन पर सिमट गई, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ने भी खराब शुरुआत करते हुए 30 रन तक 6 विकेट गंवा दिए। हालांकि दिन का खेल समाप्त होने तक ग्लेन फिलिप्स और नाथन स्मिथ ने टीम को और नुकसान नहीं होने दिया और स्कोर 61/6 तक पहुंचाया।</p>
<h2 data-section-id="9u3hj" data-start="533" data-end="568">न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ाई</h2>
<p data-start="570" data-end="825">इंग्लैंड को सस्ते में समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tom Latham</span></span> केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Devon Conway</span></span> भी महज 1 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए।</p>
<p data-start="827" data-end="1112">न्यूजीलैंड को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब अनुभवी बल्लेबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Kane Williamson</span></span> खाता खोले बिना आउट हो गए। वहीं, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rachin Ravindra</span></span> भी शून्य पर चलते बने। डेरिल मिचेल 12 रन ही बना सके, जबकि टॉम ब्लंडेल ने 21 गेंदों का सामना करने के बावजूद सिर्फ 4 रन बनाए।</p>
<p data-start="1114" data-end="1404">एक समय न्यूजीलैंड का स्कोर 30 रन पर 6 विकेट था, लेकिन इसके बाद ग्लेन फिलिप्स ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 31 रन बनाए। उनके साथ नाथन स्मिथ 6 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 61/6 रहा और टीम अभी भी इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर से 79 रन पीछे है।</p>
<p data-start="1406" data-end="1631">इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ollie Robinson</span></span> ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gus Atkinson</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Josh Tongue</span></span> को एक-एक सफलता मिली।</p>
<h2 data-section-id="zhupe" data-start="1633" data-end="1673">इंग्लैंड की पहली पारी 140 रन पर सिमटी</h2>
<p data-start="1675" data-end="1967">इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सकी। सलामी बल्लेबाज बेन डकेट 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि एमिलियो गे 8 रन ही बना सके। जैकब बेथेल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और अनुभवी बल्लेबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Joe Root</span></span> केवल 1 रन बना सके।</p>
<p data-start="1969" data-end="2174">मध्यक्रम में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Harry Brook</span></span> ने अकेले संघर्ष करते हुए 71 गेंदों में 56 रन की शानदार पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 10 चौके लगाए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।</p>
<p data-start="2176" data-end="2375">कप्तान <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ben Stokes</span></span> 12 रन बनाकर आउट हुए। गस एटकिंसन 4 और ओली रोबिन्सन 1 रन ही बना सके। निचले क्रम में जोश टंग ने नाबाद 10 रन बनाए, जबकि शोएब बशीर ने 14 रनों का योगदान दिया।</p>
<h2 data-section-id="1bmiszm" data-start="2377" data-end="2400">जेमीसन ने मचाई तबाही</h2>
<p data-start="2402" data-end="2663">न्यूजीलैंड की ओर से तेज गेंदबाज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Kyle Jamieson</span></span> ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 62 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। उन्हें नाथन स्मिथ का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 3 विकेट चटकाए। वहीं <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">William O'Rourke</span></span> ने 2 विकेट अपने नाम किए।</p>
<p data-start="2665" data-end="2877" data-is-last-node="" data-is-only-node="">पहले दिन का खेल पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा। अब दूसरे दिन दोनों टीमों की नजरें मैच में बढ़त हासिल करने पर होंगी, जबकि न्यूजीलैंड की कोशिश इंग्लैंड के स्कोर को पार कर पहली पारी में महत्वपूर्ण बढ़त लेने की रहेगी।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ट्रैक्टर चलाने वाली महिला कैसे बनी सोशल मीडिया सेंसेशन</title>
    <link>https://thinq360.com/how-a-woman-driving-a-tractor-became-a-social-media-sensation</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:34:24 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>शख्सियत</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="126" data-end="497"><strong data-start="126" data-end="144">जोधपुर।</strong> राजस्थान की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">अनीता बिश्नोई</span></span> को कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद गंभीर अवस्था में बुधवार को जोधपुर के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मथुरादास माथुर अस्पताल</span></span> में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार गुरुवार को उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार देखा गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।</p>
<p data-start="499" data-end="869">अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार अनीता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यूनिट हेड <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डॉ. अमित सागर</span></span> ने बताया कि मरीज को गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक गंभीर स्थिति के बाद अब स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति पहले की तुलना में अधिक स्थिर है और उपचार पर बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है।</p>
<h2 data-section-id="jwryu8" data-start="871" data-end="929">ऑनलाइन ट्रोलिंग और पारिवारिक विवाद दोनों पहलू चर्चा में</h2>
<p data-start="931" data-end="1241">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग और विवादों के चलते अनीता मानसिक रूप से परेशान थीं। हालांकि, मामले में पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।</p>
<h2 data-section-id="1vr9td8" data-start="1243" data-end="1268">कौन हैं अनीता बिश्नोई?</h2>
<p data-start="1270" data-end="1597">32 वर्षीय अनीता बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">लाठी गांव</span></span> की निवासी हैं। वर्तमान में वे जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र के शिकारगढ़ इलाके में रहती हैं। वे एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं और बिश्नोई समाज से आती हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।</p>
<p data-start="1599" data-end="1848">अनीता विवाहित हैं। उनके पति दीनाराम बिश्नोई खेती और ट्यूबवेल संचालन का कार्य करते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सफलता में उनके पति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बताया जाता है कि दीनाराम ने स्वयं वीडियो एडिटिंग सीखकर अनीता के कंटेंट निर्माण में सहयोग किया।</p>
<h2 data-section-id="vb3524" data-start="1850" data-end="1884">ग्रामीण जीवनशैली ने दिलाई पहचान</h2>
<p data-start="1886" data-end="2050">अनीता ने वर्ष 2018 के आसपास सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया था। शुरुआत में वे राजस्थानी संस्कृति, लोकगीतों और पारंपरिक जीवनशैली से जुड़े वीडियो साझा करती थीं।</p>
<p data-start="2052" data-end="2297">वर्ष 2022 में हनुमान भक्ति से जुड़े एक वीडियो के वायरल होने के बाद उन्हें व्यापक पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी, ट्रैक्टर चलाने, खेतों में काम करने और राजस्थानी संस्कृति पर आधारित वीडियो के जरिए बड़ी लोकप्रियता हासिल की।</p>
<p data-start="2299" data-end="2443">उनकी सादगी और वास्तविक ग्रामीण जीवन को दर्शाने वाली सामग्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया, जिसके चलते सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फॉलोइंग तैयार हुई।</p>
<h2 data-section-id="h8yt6u" data-start="2445" data-end="2477">सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति</h2>
<p data-start="2479" data-end="2638">अनीता बिश्नोई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों फॉलोअर्स हैं। फेसबुक पर उनके 14 लाख से अधिक तथा इंस्टाग्राम पर करीब 7.34 लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जाते हैं।</p>
<h2 data-section-id="107n1t3" data-start="2640" data-end="2669">विवाद के बाद बढ़ी ट्रोलिंग</h2>
<p data-start="2671" data-end="2920">कुछ समय पहले महिलाओं के पहनावे को लेकर बनाई गई एक वीडियो रील के बाद अनीता विवादों में आ गई थीं। वीडियो में दिए गए उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। जहां कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, वहीं कई यूजर्स ने इसका विरोध किया।</p>
<p data-start="2922" data-end="3123">इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग, आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच कुछ अन्य कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा भी उनके खिलाफ वीडियो बनाए जाने की चर्चा रही, जिससे विवाद और बढ़ गया।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राज्य सभा के लिए पुनिया को उम्मीदवार बनाये जाने पर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर मनाई खुशी</title>
    <link>https://thinq360.com/bjp-workers-celebrate-satish-poonias-rajya-sabha-nomination-in-sirohi</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:15:58 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[भाजपा नेता सतीश पूनिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर सिरोही में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी जताई।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सिरोही | </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा वरिष्ठ नेता डॉ. सतीश पूनिया को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद सिरोही में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। इस घोषणा से कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।</p>
<h2>कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर जताई खुशी</h2>
<p>सिरोही नगर में, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ता अहिंसा सर्कल पर एकत्रित हुए।</p>
<p>यहां उन्होंने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। माहौल पूरी तरह से उत्सवपूर्ण था।</p>
<blockquote>वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के उम्मीदवार बनने से प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।</blockquote>
<p>इस अवसर पर नारायण देवासी, रोहित खत्री, महेंद्र माली, शैतान सिंह परमार, और हेमलता पुरोहित सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।</p>
<p>पूनिया की उम्मीदवारी को जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़े सम्मान के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान से नीरज डांगी दूसरी बार कांग्रेस से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-congress-nominates-neeraj-dangi-for-rajya-sabha-second-time</link>
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    <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:11:44 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[निवर्तमान सांसद को फिर मिला मौका, सिरोही जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर, हाईकमान का जताया आभार।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सिरोही | </strong>राजस्थान में आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निवर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को एक बार फिर से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के बाद सिरोही जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।</p>
<h2>कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल</h2>
<p>नीरज डांगी की उम्मीदवारी की खबर आते ही सिरोही जिला कांग्रेस में जश्न का माहौल बन गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया और जिला संगठन महामंत्री भवानी सिंह भटाना ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डांगी का दोबारा उम्मीदवार बनना पूरे सिरोही जिले के लिए एक बड़े सम्मान और गौरव की बात है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया।</p>
<blockquote>कांग्रेस नेताओं ने कहा, "डांगी के राज्यसभा दूसरी बार उम्मीदवार घोषित करना सिरोही जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने हमेशा पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है।"</blockquote>
<p>इस मौके पर जिला कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें पूर्व जिला प्रमुख चंदन सिंह देवड़ा, पिंडवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह और जिला महासचिव अचल सिंह बालिया समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।</p>
<h3>डांगी का राजनीतिक सफर और योगदान</h3>
<p>नीरज डांगी का कांग्रेस पार्टी में एक लंबा और प्रभावशाली करियर रहा है। उन्होंने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस के मूल संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।</p>
<p>स्थानीय नेताओं के अनुसार, सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान डांगी ने सिरोही जिले में कई विकास कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करवाया है, जिससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिला है।</p>
<h2>पार्टी हाईकमान का जताया आभार</h2>
<p>डांगी के दोबारा नामांकन पर खुशी जाहिर करने वालों में पीसीसी सदस्य अमित जोशी, जिला प्रवक्ता जितेंद्र मारू, और सोशल मीडिया प्रभारी दिनेश मेघवाल भी शामिल थे।</p>
<p>सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से इस फैसले के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद किया। उनका मानना है कि डांगी की उम्मीदवारी से क्षेत्र में पार्टी को और मजबूती मिलेगी। यह फैसला कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पीएम मोदी के 12 वर्ष सेवा और सुशासन के प्रतीक: मदन राठौड़</title>
    <link>https://thinq360.com/pm-modi-12-years-service-governance-madan-rathore</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 20:59:11 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को देश के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।</p>
<p>राठौड़ ने बताया कि भाजपा पूरे देश में सरकार की इन ऐतिहासिक उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएगी। इसके लिए 'विश्वास से विकास, सेवा से सुशासन' अभियान के तहत एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया जाएगा।</p>
<h2>विकास और बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव</h2>
<p>वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा दी। जिन 18 हजार से अधिक गांवों में आजादी के बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी, वहां बिजली पहुंचाई गई।</p>
<p>आज भारत बिजली उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है। अब देश के किसानों, उद्योगों और आम नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध बिजली की सुविधा मिल रही है।</p>
<p>जल जीवन मिशन के माध्यम से देश के करोड़ों घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है। इसके साथ ही सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और जल संरक्षण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।</p>
<p>रेलवे के क्षेत्र में भी व्यापक आधुनिकीकरण देखने को मिला है। अधिकांश ब्रॉडगेज रेलमार्गों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है।</p>
<h2>आर्थिक नीतियां और आत्मनिर्भर भारत</h2>
<p>मदन राठौड़ ने कहा कि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश को नई आर्थिक शक्ति दी है। स्टार्टअप इंडिया ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं।</p>
<p>भारतमाला परियोजना के जरिए देश में आधुनिक और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है। इस परियोजना ने देश के सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी को बेहद आसान बना दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में लगातार वृद्धि कर किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी गई है।</p>
<h3>रक्षा क्षेत्र और वैश्विक पहचान</h3>
<p>रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए देश में ही स्वदेशी हथियारों और मिसाइलों का निर्माण हो रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों से देश की सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है।</p>
<p>कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने न केवल अपने नागरिकों को बचाया बल्कि दुनिया को वैक्सीन भी दी। चंद्रयान मिशन की सफलता ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की श्रेष्ठता साबित की है।</p>
<blockquote class="quote">"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना के साथ विश्व कल्याण के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।" - मदन राठौड़</blockquote>
<p>जनधन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, उज्ज्वला और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदला है। स्वच्छ भारत मिशन और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव आया है।</p>
<p>मदन राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा के कार्यकर्ता इस जनसंपर्क अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाएंगे। यह अभियान देश के विकास और परिवर्तन की इस महान यात्रा को और गति प्रदान करेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>भाजपा मोदी सरकार के 12 साल पर चलाएगी महाअभियान</title>
    <link>https://thinq360.com/bjp-12-years-modi-govt-campaign-rajasthan</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 20:54:20 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[भाजपा 5 से 21 जून, 2026 तक राजस्थान में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> भाजपा राजस्थान में मोदी सरकार के 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर 5 जून से एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है।</p>
<p>यह विशेष अभियान 21 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाना है।</p>
<h2>सेवा और सुशासन के 12 वर्ष</h2>
<p>भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं अभियान के प्रदेश संयोजक भूपेंद्र सैनी ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा और सुशासन के रहे हैं।</p>
<p>सैनी ने कहा कि मोदी सरकार का यह कार्यकाल इतिहास में गरीब कल्याण, विकास और आत्मनिर्भर भारत के स्वर्णिम काल के रूप में दर्ज हो चुका है।</p>
<blockquote>"मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन, विकास और जनकल्याण के ऐतिहासिक कार्यों के प्रतीक हैं। भाजपा कार्यकर्ता इसे जन आंदोलन बनाएंगे।" - भूपेंद्र सैनी</blockquote>
<p>अभियान के तहत भाजपा के सभी सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी बूथ स्तर तक जाकर आम जनता से सीधा संवाद करेंगे।</p>
<h2>5 जून से शुरू होगा महाअभियान</h2>
<p>पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है।</p>
<p>अभियान की शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंडल स्तर तक वृक्षारोपण अभियान के साथ की जाएगी।</p>
<p>जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सुबह 11 बजे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पौधारोपण करेंगे।</p>
<h2>अभियान का विस्तृत कार्यक्रम</h2>
<p>अभियान के तहत 8 से 9 जून तक राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया संवाद और 8 से 14 जून तक जिला स्तर पर विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे।</p>
<p>इसके बाद 11 से 12 जून को प्रदेश स्तर पर मीडिया संवाद और 12 से 20 जून तक उपखण्ड स्तर पर जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे।</p>
<p>इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर, पीएम स्वनिधि और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<h3>प्राकृतिक खेती और योग दिवस</h3>
<p>13 से 20 जून तक मोदी सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनियां और जिला स्तर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं होंगी।</p>
<p>इस दौरान विकसित भारत संकल्प सम्मेलन और विभिन्न सभागार बैठकें भी आयोजित की जाएंगी ताकि नीतियों का प्रसार हो सके।</p>
<p>अभियान का भव्य समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला और मंडल स्तर तक योग कार्यक्रमों के आयोजन के साथ होगा।</p>
<h2>समन्वय समिति का गठन</h2>
<p>अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशेष समन्वय समिति का गठन किया गया है जो सभी कार्यक्रमों की निगरानी करेगी।</p>
<p>इस समिति में भाजपा के विभिन्न विभागों, मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।</p>
<p>गुरुवार को हुई बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, छगन माहुर, सह संयोजक नारायण मीणा और आईटी प्रभारी अविनाश जोशी उपस्थित रहे।</p>
<p>सोशल मीडिया प्रभारी हीरेंद्र कौशिक, आशीष चौपड़ा सहित अभियान से जुड़े अन्य कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।</p>
<h2>विकास और जनकल्याण का संकल्प</h2>
<p>भाजपा इस अभियान के माध्यम से राजस्थान के प्रत्येक नागरिक तक केंद्र सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>कार्यकर्ताओं का लक्ष्य है कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ आसानी से मिल सके।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जयपुर: महिला साइक्लोथॉन ने दिया स्वास्थ्य-पर्यावरण का संदेश</title>
    <link>https://thinq360.com/jaipur-women-led-cyclothon-2026-world-bicycle-day</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 20:48:06 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>लाइफ स्टाइल</category>
    <description><![CDATA[विश्व साइकिल दिवस पर 250 से अधिक साइकिल चालकों ने महिला नेतृत्व में स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में आयोजित "विमेन लेड साइक्लोथॉन-2026" का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महिला नेतृत्व वाले आयोजन में लगभग 250 साइकिल चालकों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।</p>
<h2>उत्साह और जनभागीदारी का संगम</h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत एक ऊर्जावान जुम्बा और एरोबिक्स सत्र से हुई, जिसने प्रतिभागियों में नया जोश भर दिया।</p>
<p>इस साइक्लोथॉन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं और युवतियों के साथ-साथ 20 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।</p>
<p>कार्यक्रम के सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी 78 वर्षीय श्री सुज्योति प्रकाश जैन थे, जिन्होंने युवाओं के साथ पूरे उत्साह से साइकिल चलाई।</p>
<p><img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-06-04_at_20_22_40__1_.webp" alt="" width="720" height="480"></p>
<h2>गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया मान</h2>
<p>इस साइक्लोथॉन का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध आयरनमैन अवार्डी डॉ. साधना आर्या सहित वरिष्ठ महिला साइकिल चालकों ने किया।</p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मालवीय नगर विधायक श्री कालीचरण सराफ ने साइकिलिंग के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक लाभों पर जोर दिया।</p>
<blockquote>उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व में ऐसे आयोजन समाज में एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी संदेश देते हैं।</blockquote>
<p>इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज (ISLS) के अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार ने हरित परिवहन और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में साइकिलिंग की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।</p>
<p><img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-06-04_at_20_22_40.webp" alt="" width="720" height="479"></p>
<h3>एक सफल जन-अभियान</h3>
<p>कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि साइकिलिंग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमंत पारीक ने बताया कि 2024 में शुरू हुई यह पहल अब एक भव्य जन-अभियान बन चुकी है।</p>
<p>इस अवसर पर प्रो. सुमन कुमार शर्मा, प्रो. जी.सी. जैन, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संध्या यादव जैसी कई अन्य हस्तियों ने भी प्रतिभागियों को प्रेरित किया।</p>
<h2>सम्मान और पुरस्कार</h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान, साइकिलिंग को समर्पित विभूतियों को 'व्हील्स ऑफ चेंज' अवार्ड से सम्मानित किया गया।</p>
<p>कल्ट साइकिल्स के सौजन्य से आयोजित लकी ड्रॉ भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में एक साइकिल दी गई, जिसकी विजेता सुश्री भूमिका धीर रहीं।</p>
<p>इस सफल आयोजन में अमूल, रेनोवा ऑन्कोलॉजी और जयपुर साइकिल का विशेष सहयोग रहा। आयोजन समन्वयक डॉ. रितु जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन महिला नेतृत्व, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान साबित हुआ।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बीसलपुर में जल संरक्षण अभियान, गूंजा &#039;पाणी राखो पत सूं&#039;</title>
    <link>https://thinq360.com/vande-ganga-water-conservation-campaign-bislapur-jodhpur</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 20:30:55 +0530</pubDate>
    <dc:creator>मानवेन्द्र जैतावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[कार्तिकेय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में 'वंदे गंगा' अभियान ने जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को एकजुट किया। कलश यात्रा, श्रमदान और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां हुईं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जोधपुर | </strong> जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जोधपुर के बीसलपुर गांव में 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्तिकेय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में हुए इस अभियान ने जल सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी का एक सशक्त संदेश दिया।</p>
<p>इस अभियान में ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और जल योद्धाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा और जल पूजन के साथ हुई, जिसने पारंपरिक मूल्यों के साथ संरक्षण के संदेश को जोड़ा।</p>
<h2>जनभागीदारी से जल संरक्षण का संकल्प</h2>
<p>अभियान के दौरान श्रमदान और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने न केवल जल संरक्षण के प्रति लोगों में नई चेतना जगाई, बल्कि पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी एक ठोस कदम उठाया।</p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्तिकेय सिंह राठौड़ ने राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है।</p>
<blockquote>&ldquo;पाणी राखो पत सूं, पत राख्यां सब होय। मेह रो रुतु आवे एक बार, पाणी राखो संभाल।&rdquo;</blockquote>
<p>उन्होंने इस लोक संदेश को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का मंत्र है।</p>
<h3>महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका</h3>
<p>अभियान की सफलता में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस कार्यक्रम को एक नई ऊर्जा प्रदान की और इसे व्यापक सामाजिक आधार दिया।</p>
<blockquote class="instagram-media" style="background: #FFF; border: 0; border-radius: 3px; box-shadow: 0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width: 540px; min-width: 326px; padding: 0; width: calc(100% - 2px);" data-instgrm-captioned="" data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/reel/DZKxn4vsmDU/?utm_source=ig_embed&amp;utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14">
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<p style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; line-height: 17px; margin-bottom: 0; margin-top: 8px; overflow: hidden; padding: 8px 0 7px; text-align: center; text-overflow: ellipsis; white-space: nowrap;"><a style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; font-style: normal; font-weight: normal; line-height: 17px; text-decoration: none;" href="https://www.instagram.com/reel/DZKxn4vsmDU/?utm_source=ig_embed&amp;utm_campaign=loading" target="_blank" rel="noopener">A post shared by thinQ360 (@thinq360)</a></p>
</div>
</blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>संवाद के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि बढ़ते जल संकट का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन, भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाना है।</p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर कार्तिकेय सिंह राठौड़ ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस मुहिम को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया और कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हम एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ईडी की कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी</title>
    <link>https://thinq360.com/ed-raids-businessmans-premises</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:13:15 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="96" data-end="474"><strong data-start="96" data-end="115">बीकानेर।</strong> देशभर में चर्चित तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद (लड्डू) में कथित रूप से मिलावटी घी की सप्लाई मामले की जांच अब बीकानेर तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को शहर के कोयला गली क्षेत्र स्थित घी कारोबारी <strong data-start="330" data-end="360">मोहनलाल आशीष कुमार अग्रवाल</strong> से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर वित्तीय लेन-देन, कारोबारी रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की जांच की।</p>
<p data-start="476" data-end="825">सूत्रों के अनुसार ईडी की अलग-अलग टीमों ने कारोबारी के मुख्य गोदाम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निजी आवास पर एक साथ कार्रवाई की। अधिकारियों ने दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय अभिलेखों को खंगालते हुए संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।</p>
<h2 data-section-id="14cbnz6" data-start="827" data-end="883">तिरुपति प्रसादम मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच</h2>
<p data-start="885" data-end="1228">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में कथित रूप से मिलावटी अथवा नकली घी की सप्लाई से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है। राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे इस प्रकरण में विभिन्न जांच एजेंसियां पहले से जांच कर रही हैं। ईडी अब मामले में संभावित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की पड़ताल कर रही है।</p>
<p data-start="1230" data-end="1575">बताया जा रहा है कि इससे पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) और आयकर विभाग भी संबंधित प्रतिष्ठानों पर जांच कर चुके हैं। पूर्व जांच में मिले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर ईडी ने आगे की कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित सप्लाई चेन का नेटवर्क कितना व्यापक है और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन में किन-किन पक्षों की भूमिका रही है।</p>
<h2 data-section-id="s52wxw" data-start="1577" data-end="1606">सुरक्षा घेरे में रहा परिसर</h2>
<p data-start="1608" data-end="1859">ईडी की कार्रवाई के दौरान गोदाम और आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई। अधिकारियों ने पूरे परिसर को निगरानी में लेकर दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन किया।</p>
<h2 data-section-id="1girlaf" data-start="1861" data-end="1887">आधिकारिक बयान का इंतजार</h2>
<p data-start="1889" data-end="2138">हालांकि छापेमारी के दौरान क्या तथ्य सामने आए हैं, इस संबंध में ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद एजेंसी जांच की प्रगति और सामने आए तथ्यों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>केरल पहुंचा मानसून: 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी</title>
    <link>https://thinq360.com/monsoon-arrives-kerala-heavy-rain-alert-24-states</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:07:37 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[केरल में मानसून ने दी दस्तक, मौसम विभाग ने 24 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>आखिरकार भीषण गर्मी से राहत की खबर आ गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। हालांकि, इस बार मानसून अपने सामान्य समय से तीन दिन की देरी से पहुंचा है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके प्रभाव से गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<h2>मानसून की रफ्तार और अगला पड़ाव</h2>
<p>मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। यह जल्द ही गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों को कवर कर लेगा।</p>
<p>आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है। पिछले दस वर्षों में यह सातवीं बार है जब मानसून ने देरी से दस्तक दी है। इससे पहले 1972 में सबसे ज्यादा देरी हुई थी।</p>
<blockquote>मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मानसून की गति अनुकूल है और अगले कुछ दिनों में यह देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ेगा।'</blockquote>
<h2>24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट</h2>
<p>भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 24 राज्यों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं।</p>
<h3>पहाड़ी और मैदानी राज्यों में चेतावनी</h3>
<p>उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। दिल्ली में भी अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>केरल के अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश के कारण ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। यहां 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है।</p>
<h2>राज्यों में मौसम का हाल</h2>
<h3>मध्य प्रदेश और राजस्थान</h3>
<p>मध्य प्रदेश के 39 जिलों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है। उज्जैन और ग्वालियर संभाग में ओले गिरने की आशंका है। यहां 20 जून के बाद मानसून की एंट्री होगी।</p>
<p>राजस्थान के 9 जिलों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। डूंगरपुर में ओले गिरे हैं, जबकि बीकानेर में अभी भी तापमान 43 डिग्री के पार बना हुआ है।</p>
<h3>उत्तर प्रदेश और बिहार</h3>
<p>उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है। राज्य में 18 से 20 जून तक मानसून पहुंचने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<p>दूसरी ओर, बिहार के 6 जिलों में अभी भी हीटवेव का अलर्ट है। बक्सर और गया जैसे जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है।</p>
<h3>पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रियता</h3>
<p>असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। इन राज्यों में अगले पांच दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है।</p>
<h2>निष्कर्ष और बचाव</h2>
<p>मानसून के आगमन से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि, अचानक बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचने के लिए डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।</p>
<p>तेज हवाओं और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली कड़कने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना ही समझदारी है ताकि किसी हादसे से बचा जा सके।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>NEET छात्रा की मौत, राहुल गांधी बोले- यह भ्रष्ट सिस्टम का नतीजा</title>
    <link>https://thinq360.com/rahul-gandhi-slams-modi-govt-over-neet-aspirant-akanksha-chaturvedi-suicide</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:20:02 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[NEET परीक्षा विवाद के बीच छात्रा ने दी जान, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- यह आत्महत्या नहीं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नागपुर | </strong></p>
<p>मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित धांधली और अनिश्चितता के बीच एक और दुखद खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में आत्महत्या कर ली। इस घटना पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।</p>
<h2>राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला</h2>
<p>राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस घटना को 'मोदी जी के भ्रष्ट और टूटे हुए सिस्टम का नतीजा' बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है, जिसकी कीमत देश की युवा पीढ़ी चुका रही है।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। राहुल ने कहा कि सरकार हर बार जांच और कमेटी की बात करती है, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं होता।</p>
<h3>'यह आत्महत्या नहीं, भ्रष्ट सिस्टम की देन'</h3>
<p>राहुल गांधी ने आकांक्षा के संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी। उसके पिता एक किसान हैं और उन्होंने बेटी के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था।</p>
<p>पिता बेटी की कोचिंग के लिए नागपुर में रसोइए का काम भी कर रहे थे। राहुल ने लिखा, "एक पिता ने अपनी तरफ से सब कुछ किया, लेकिन NEET पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी छीन ली।"</p>
<blockquote>आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था की देन है।</blockquote>
<h2>पिता ने कर्ज लेकर पढ़ाया, बेटी ने तोड़ा दम</h2>
<p>आकांक्षा मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली थी। वह नागपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। परिवार के मुताबिक, परीक्षा के बाद वह बहुत खुश थी और उसे 650 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद थी।</p>
<p>लेकिन जैसे ही पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें आईं, वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई। उसने खाना-पीना और लोगों से बात करना कम कर दिया था।</p>
<h3>सुसाइड नोट में छलका दर्द</h3>
<p>20 मई को आकांक्षा का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी थी।</p>
<p>नोट में उसने लिखा था कि अब उसमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ा दी है।</p>
<p>यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के छात्रों पर पड़ने वाले गंभीर मानसिक प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार की निष्क्रियता से न केवल एक परिवार का सपना टूटा है, बल्कि देश के भविष्य को भी नुकसान हो रहा है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>BJP नेता पर गोलियां, जवाबी फायरिंग से बची जान</title>
    <link>https://thinq360.com/bjp-leader-vijay-kumar-soni-attacked-in-gurdaspur-punjab</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:11:43 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[गुरदासपुर में BJP नेता विजय सोनी पर जानलेवा हमला। पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग, जवाबी कार्रवाई से बचे। हमले से पहले 2 करोड़ की फिरौती मांगने का शक।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>गुरदासपुर | </strong> पंजाब के गुरदासपुर जिले में बुधवार देर रात कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात हुई। यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक वरिष्ठ नेता विजय कुमार सोनी पर जानलेवा हमला किया गया। दो नकाबपोश हमलावरों ने उनके पेट्रोल पंप पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।</p>
<h2>2 करोड़ की फिरौती और जानलेवा हमला</h2>
<p>यह घटना भगवानपुर इलाके में स्थित विजय कुमार सोनी के पेट्रोल पंप पर घटी। सोनी, जो पार्टी के व्यापार शाखा के एक प्रमुख पदाधिकारी हैं, उस समय अपने कार्यालय में मौजूद थे।</p>
<p>अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। उन्होंने बिना कुछ कहे सीधे विजय सोनी को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी।</p>
<h3>क्या फिरौती न देना बना हमले की वजह?</h3>
<p>इस मामले में एक बड़ा एंगल फिरौती का भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि हमले से कुछ समय पहले विजय सोनी से 2 करोड़ रुपये की मोटी रकम की मांग की गई थी।</p>
<p>पुलिस को शक है कि यह हमला फिरौती की रकम न चुकाने के कारण किया गया हो सकता है। यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा लग रहा है, जिसका मकसद दहशत फैलाना था।</p>
<h2>नेता की दिलेरी ने बचाई जान</h2>
<p>हमलावरों की ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच विजय सोनी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।</p>
<blockquote>अधिकारियों ने बताया, "विजय सोनी की त्वरित जवाबी कार्रवाई ने हमलावरों को हैरान कर दिया। इसी वजह से वे अपना मकसद पूरा नहीं कर पाए और उनकी जान बच गई।"</blockquote>
<p>सोनी की ओर से गोलियां चलते देख हमलावर घबरा गए और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से फरार हो गए। इस गोलीबारी में विजय सोनी को कोई चोट नहीं आई और वे बाल-बाल बच गए।</p>
<h3>CCTV में कैद हुई वारदात</h3>
<p>यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे नकाबपोश हमलावरों ने गोलियां चलाईं। पुलिस ने इस फुटेज को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी सबूत जुटाए।</p>
<p>पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। पुलिस फिरौती समेत सभी संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>इस घटना ने पंजाब में नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय में इस तरह के हमलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहे हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>वेनेजुएला से दोस्ती: भारत को मिलेगा सस्ता तेल, संकट होगा खत्म</title>
    <link>https://thinq360.com/venezuela-acting-president-delcy-rodriguez-meets-pm-modi-cheap-oil-deal</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:05:36 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पीएम मोदी से मुलाकात, ऊर्जा संकट से निपटने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बनी सहमति।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अपने पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।</p>
<h2>भारत-वेनेजुएला संबंधों में नया अध्याय</h2>
<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर ने डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह भारत-वेनेजुएला संबंधों के प्रति रोड्रिगेज की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं।</p>
<p>जयशंकर ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात से दोनों देशों के बीच सहयोग और भी मजबूत होगा। यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी में आई गति को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।</p>
<h3>भारत आकर खुश हूं: डेल्सी रोड्रिगेज</h3>
<p>नई दिल्ली पहुंचने पर डेल्सी रोड्रिगेज ने भारत आने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका की जमकर तारीफ की।</p>
<blockquote>मैं भारत आकर बहुत खुश हूं। भारत आज विश्व अर्थव्यवस्था में एक मजबूत और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।</blockquote>
<p>रोड्रिगेज का यह बयान दोनों देशों के बीच सकारात्मक माहौल को दर्शाता है। उनकी यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।</p>
<h2>ऊर्जा संकट का समाधान वेनेजुएला से?</h2>
<p>वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। वहीं, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। मौजूदा वैश्विक परिदृश्य और मध्य पूर्व में संकट के कारण भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए नए विकल्प तलाश रहा है।</p>
<p>वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में ढील के बाद उसका तेल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध है। ऐसे में भारत के लिए वेनेजुएला एक विश्वसनीय और अहम साझेदार साबित हो सकता है।</p>
<h3>भारत का बड़ा निवेश और भविष्य की संभावनाएं</h3>
<p>भारत ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में पहले से ही काफी निवेश किया हुआ है। इस यात्रा से न केवल पुराने निवेश को मजबूती मिलेगी, बल्कि भविष्य में सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे।</p>
<p>यह दोस्ती भारत को सस्ते तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है, जिससे देश में बढ़ती महंगाई पर भी लगाम लग सकती है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत साबित हो सकती है।</p>
<p>कुल मिलाकर, डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के लिए एक नई सुबह लेकर आई है। इससे न केवल आर्थिक फायदे होंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत होगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>PM मोदी तोड़ेंगे नेहरू का रिकॉर्ड, बनेंगे सबसे लंबे PM</title>
    <link>https://thinq360.com/pm-narendra-modi-to-break-jawaharlal-nehru-record-longest-serving-prime-minister</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:56:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[10 जून 2026 को पीएम मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने रहने का कीर्तिमान स्थापित करेंगे। वह नेहरू को पीछे छोड़ देंगे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं। इस दिन वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर बने रहने का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।</p>
<p>नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 10 जून 2026 को वह लगातार 4,399 दिन इस पद पर पूरे कर लेंगे, जबकि नेहरू का कार्यकाल 4,398 दिनों का था।</p>
<h2>मोदी बनाम नेहरू: एक ऐतिहासिक तुलना</h2>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नेहरू और मोदी की राजनीतिक यात्रा और विचारधारा एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। नेहरू को धर्मनिरपेक्ष राजनीति का चेहरा माना गया, वहीं मोदी ने विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ हिंदुत्व को केंद्र में रखा।</p>
<blockquote>बीजेपी नेताओं का कहना है कि नेहरू के सामने कोई मजबूत राष्ट्रीय विपक्ष नहीं था, जबकि मोदी ने प्रतिस्पर्धी माहौल में जीत हासिल की।</blockquote>
<p>यह उपलब्धि मोदी को भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के रूप में स्थापित करती है।</p>
<h3>मोदी सरकार के बड़े फैसले</h3>
<p>अपने कार्यकाल में मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें अनुच्छेद 370 को हटाना, नोटबंदी, और जन धन योजना जैसे कदम शामिल हैं।</p>
<p>इन फैसलों ने न केवल देश की सामाजिक और आर्थिक दिशा को प्रभावित किया, बल्कि भारतीय राजनीति की रूपरेखा भी बदल दी। यह रिकॉर्ड मोदी की राजनीतिक विरासत को और भी मजबूत करेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>BJP मंत्री &#039;चवन्नी चोर&#039;, सरकार नहीं सर्कस</title>
    <link>https://thinq360.com/govind-singh-dotasra-attacks-bjp-govt-in-kota-calls-ministers-chavanni-chor</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:51:33 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[कोटा में गरजे डोटासरा, बोले- मंत्रियों की कोई नहीं सुनता, पेपर लीक में शिक्षा मंत्री का हाथ।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोटा | </strong>कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को कोटा में राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सरकार को 'सर्कस' और मंत्रियों को 'चवन्नी चोर' तक कह दिया। उनके साथ विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली भी मौजूद थे।</p>
<h2>सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है</h2>
<p>पत्रकारों से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, यहां सर्कस चल रहा है। उन्होंने मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी कोई नहीं सुन रहा है।</p>
<blockquote><q>भाजपा के मंत्री 'चवन्नी चोर' हैं। मंत्री विभाग में काम बताते हैं और जब वह काम नहीं होता है, तो उससे अभद्रता करते हैं, गालियां देते हैं।</q></blockquote>
<p>डोटासरा ने आरोप लगाया कि मंत्रियों का अपने ही विभाग के अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल है।</p>
<h3>NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा</h3>
<p>डोटासरा ने NEET पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह पेपर पिछले तीन साल से लगातार लीक हो रहा है, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं थी।</p>
<p>उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक माफिया को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संरक्षण प्राप्त है। डोटासरा ने नैतिकता के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।</p>
<h2>प्रसूताओं की मौत 'हत्या' है: जूली</h2>
<p>वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मौतें सामान्य नहीं, बल्कि 'हत्या' हैं।</p>
<p>जूली ने कहा कि दवा की रिपोर्ट 15 दिन बाद आई, जिसमें दवा को अमानक पाया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने प्रिंसिपल की नाले में गिरकर मौत और सीबीएसई कॉपी चेकिंग घोटाले को भी सरकार की बड़ी नाकामी बताया।</p>
<h3>जातिगत जनगणना पर सरकार को घेरा</h3>
<p>डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के अभियान के दबाव में केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के लिए तैयार तो हुई, लेकिन उसने ओबीसी के हितों के साथ कुठाराघात किया है। उन्होंने राहुल गांधी के नारे 'जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी हिस्सेदारी' को दोहराया।</p>
<h2>कोटा कांग्रेस में दिखी गुटबाजी</h2>
<p>हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान कोटा कांग्रेस की आंतरिक कलह भी खुलकर सामने आ गई। डोटासरा और जूली की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस गुटों में बंटी नजर आई।</p>
<p>शहर और देहात के दोनों जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम से नदारद रहे। डोटासरा ने भी मीडिया के सामने स्वीकार किया कि कोटा में गुटबाजी है और इसे जल्द ही मिलकर दूर किया जाएगा।</p>
<p>इस दौरे ने जहां एक ओर कांग्रेस को सरकार पर हमलावर होने का मौका दिया, वहीं दूसरी ओर पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि आलाकमान इस गुटबाजी को कैसे संभालता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सवाईमाधोपुर में 23 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, 5 जून से वितरण</title>
    <link>https://thinq360.com/sawai-madhopur-hariyalo-rajasthan-campaign-23-lakh-saplings-plantation</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:45:00 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[हरियालो राजस्थान अभियान: जिले की 9 नर्सरियों में 14 लाख पौधे तैयार, विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू होगा वितरण।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सवाईमाधोपुर | </strong>राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत सवाई माधोपुर जिले में हरियाली बढ़ाने की बड़ी तैयारी की गई है। विश्व पर्यावरण दिवस, यानी 5 जून, से इस अभियान का आगाज होगा। जिले को कुल 23 लाख 17 हजार पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य मिला है।</p>
<p>इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। विभाग ने जिले भर की 9 नर्सरियों में लाखों पौधे तैयार कर लिए हैं, जिनका वितरण 5 जून से शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<h2>हरियालो राजस्थान अभियान: एक बड़ा लक्ष्य</h2>
<p>सामाजिक वानिकी विभाग की सहायक वन संरक्षक मनीषा शर्मा ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सवाई माधोपुर के विभिन्न विभागों को मिलकर 23 लाख 17 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।</p>
<blockquote>मनीषा शर्मा ने कहा, "हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों और विभागों को पौधारोपण से जोड़कर जिले में हरियाली बढ़ाना है।"</blockquote>
<p>इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वन विभाग ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है। जिले की विभिन्न नर्सरियों में पौधे तैयार किए गए हैं ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।</p>
<h3>विभिन्न नर्सरियों में पौधों की संख्या</h3>
<p>वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आलनपुर नर्सरी में 3 लाख 64 हजार पौधे तैयार हैं। वहीं, गंगापुर सिटी में 2 लाख 70 हजार और बौंली में 1 लाख 40 हजार पौधे उपलब्ध हैं।</p>
<p>इसी तरह सिंथोली में 1 लाख 40 हजार, चौथ का बरवाड़ा में 1 लाख 30 हजार, मलारना डूंगर में 1 लाख 20 हजार, भगवतगढ़ में 1 लाख और कुशलपुरा नर्सरी में 50 हजार पौधे तैयार किए गए हैं।</p>
<h2>वन विभाग की तैयारी: 9 नर्सरियों में 14 लाख पौधे</h2>
<p>वन विभाग ने लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले की 9 नर्सरियों में कुल 14 लाख 7 हजार पौधे तैयार किए हैं। इन नर्सरियों में आलनपुर, भगवतगढ़, चौथ का बरवाड़ा, बौंली, गंगापुर सिटी, कुशलपुरा, टटवाड़ा, मलारना डूंगर और सिंथोली शामिल हैं।</p>
<p>इन तैयार पौधों को विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सामूहिक भागीदारी से पौधारोपण हो सके।</p>
<h3>आलनपुर नर्सरी में 52 प्रजातियां</h3>
<p>जिला मुख्यालय पर स्थित आलनपुर नर्सरी में सबसे अधिक विविधता देखने को मिल रही है। यहां इस बार 52 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।</p>
<p>इनमें नीम, मीठा नीम, पीपल, अशोक, शीशम, सागवान, गुड़हल और तुलसी जैसे कई उपयोगी, छायादार और औषधीय पौधे शामिल हैं, जिन्हें लोग अपनी पसंद के अनुसार ले सकते हैं।</p>
<p>इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है। विभागों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो पाएगा और सवाई माधोपुर को और भी हरा-भरा बनाया जा सकेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पाली: 47 साल पुराने जर्जर पुल का होगा निर्माण, 40 करोड़ होंगे खर्च</title>
    <link>https://thinq360.com/pali-47-year-old-bandi-river-bridge-reconstruction-approved-for-40-crore</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:37:34 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[पाली में 47 साल पुराने बांडी नदी के जर्जर पुल की जगह अब 40 करोड़ की लागत से नया हाई-लेवल पुल बनेगा। वित्तीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाली | </strong> पाली शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शहर के बीचों-बीच बांडी नदी पर बना 47 साल पुराना जर्जर पुल अब इतिहास बन जाएगा। सरकार ने इसके पुनर्निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे अब एक नए हाई-लेवल पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।</p>
<h2>एक दशक से जर्जर, कभी भी ढहने का था खतरा</h2>
<p>यह पुल पाली के नए बस स्टैंड और सुमेरपुर रोड को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका निर्माण वर्ष 1978 में हुआ था। समय के साथ इसकी हालत खराब होती गई और साल 2014 में इसे आधिकारिक तौर पर जर्जर घोषित कर दिया गया।</p>
<p>हालात इतने खराब हो गए थे कि 2023 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अपनी एक रिपोर्ट में इसे कभी भी ढहने योग्य बता दिया था। यह पुल शहर के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था, खासकर बारिश के मौसम में।</p>
<p>बरसात के दिनों में बांडी नदी में पानी का स्तर बढ़ने पर इस पुल पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता था, जिससे शहर दो हिस्सों में बंट जाता था। लोगों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।</p>
<h3>घोषणाओं और देरी का लंबा सफर</h3>
<p>इस पुल के पुनर्निर्माण की घोषणाएं कई सालों से हो रही थीं। पहले कांग्रेस सरकार और फिर भाजपा सरकार ने भी इसे बनाने का वादा किया, लेकिन हर बार प्रक्रिया किसी न किसी वजह से अटक जाती थी।</p>
<p>साल 2023-24 के बजट में इसके लिए 35 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। इसके लिए तीन बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन हर बार उन्हें निरस्त करना पड़ा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote>एक अधिकारी ने बताया, "कभी ठेकेदारों द्वारा दरें बहुत अधिक बताई गईं, तो कभी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। तीसरी बार वित्त विभाग के आदेशों के कारण प्रक्रिया को रोकना पड़ा।"</blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ गई। जो काम दो साल पहले 35 करोड़ में हो सकता था, अब उसके लिए 40 करोड़ रुपये की नई स्वीकृति जारी करनी पड़ी है।</p>
<h2>कैसा होगा नया हाई-लेवल पुल?</h2>
<p>अब वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का अनुमान है कि निविदा प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो से तीन महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।</p>
<p>यह नया पुल कवाड़ सर्किल से शुरू होगा और केसर होटल क्षेत्र के आगे तक बनाया जाएगा। यह एक हाई-लेवल ब्रिज होगा, जिससे बारिश के मौसम में भी यातायात बाधित नहीं होगा।</p>
<h3>तकनीकी विवरण और निर्माण योजना</h3>
<p>इस परियोजना के तहत 236 मीटर लंबा एक मुख्य पुल बनाया जाएगा। इसके साथ ही, यातायात को सुगम बनाने के लिए 470 मीटर लंबा एक अप्रोच मार्ग भी निर्मित होगा।</p>
<p>यह नया निर्माण न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि भविष्य में शहर के बढ़ते यातायात के दबाव को भी संभालने में सक्षम होगा। यह शहर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p>इस पुल का निर्माण पाली के निवासियों के लिए दशकों पुरानी एक बड़ी समस्या का स्थायी समाधान लेकर आएगा। यह न केवल हादसों की आशंका को खत्म करेगा, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>घनी आबादी में 5 मंजिला इमारत ध्वस्त, 10 घर खाली कराए</title>
    <link>https://thinq360.com/jaipur-ramganj-5-storey-building-demolished-municipal-corporation-action</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:38:00 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[रामगंज में पिलर क्षतिग्रस्त होने से खतरनाक हुई बिल्डिंग को नगर निगम ने गिराया, लोगों ने ली राहत की सांस।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक पांच मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। रामगंज इलाके में स्थित यह भवन पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद खतरनाक घोषित कर दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत थी। नगर निगम ने पुलिस सुरक्षा के बीच इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया।</p>
<h2>क्यों खतरनाक हो गई थी इमारत?</h2>
<p>जानकारी के अनुसार, इस भवन के निचले हिस्से में दो दुकानों को एक करने के लिए बीच की दीवार हटा दी गई थी।</p>
<p>स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी संरचनात्मक बदलाव के कारण इमारत का एक मुख्य पिलर कमजोर होकर क्षतिग्रस्त हो गया।</p>
<p>इसके तुरंत बाद, पूरी इमारत में दरारें दिखने लगीं और इसके संतुलन बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।</p>
<p>खतरे को भांपते हुए नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई की और इमारत को खाली करवा लिया।</p>
<h3>लोगों को किया गया सुरक्षित शिफ्ट</h3>
<p>इस खतरनाक इमारत में लगभग 8 से 10 परिवार रहते थे, जिनमें करीब 30 सदस्य शामिल थे।</p>
<p>नगर निगम ने इन सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया था ताकि किसी भी तरह की जनहानि न हो।</p>
<p>इस घटना के कारण आसपास का बाजार भी प्रभावित हुआ और सुरक्षा के लिहाज से कई दिनों तक रास्ता बंद रखना पड़ा।</p>
<h2>तकनीकी जांच के बाद ध्वस्तीकरण का फैसला</h2>
<p>नगर निगम ने इमारत की मजबूती का आकलन करने के लिए एक तकनीकी टीम से जांच करवाई थी।</p>
<p>जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि भवन की मरम्मत करना संभव नहीं है और इसे सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।</p>
<p>इसी रिपोर्ट के आधार पर निगम प्रशासन ने इसे ध्वस्त करने का अंतिम निर्णय लिया।</p>
<p>यह कार्रवाई बेहद चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि यह इलाका बहुत संकरा है, जहां से दो कारों का एक साथ निकलना भी मुश्किल होता है।</p>
<blockquote>एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हम पिछले तीन महीने से डर के साये में जी रहे थे। हर पल लगता था कि कहीं इमारत गिर न जाए। अब जाकर हमने राहत की सांस ली है।"</blockquote>
<p>कार्रवाई के दौरान आसपास के 10 से अधिक मकानों को भी सुरक्षा के लिए खाली करा लिया गया था।</p>
<p>गनीमत रही कि इमारत का ज्यादातर मलबा पास के एक पुराने पेड़ पर गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, सामने वाले एक भवन को भी मामूली नुकसान पहुंचा है।</p>
<h2>पुराने निर्माणों पर उठे गंभीर सवाल</h2>
<p>इस घटना के बाद परकोटा क्षेत्र में स्थित पुराने और अवैध रूप से किए गए निर्माणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।</p>
<p>स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी खतरनाक भवनों की नियमित रूप से जांच की जाए।</p>
<p>लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई करके भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।</p>
<p>अब नगर निगम की टीम मौके से मलबा हटाने के काम में जुट गई है, जिसमें कुछ दिन लगने की संभावना है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL कोच्चि स्कैंडल: ललित मोदी का थरूर पर बड़ा हमला</title>
    <link>https://thinq360.com/lalit-modi-accuses-shashi-tharoor-over-ipl-kochi-scandal-and-sunanda-pushkar-stake</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:30:58 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[IPL फाउंडर ललित मोदी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर पर कोच्चि टीम में गैरकानूनी हिस्सेदारी लेने का गंभीर आरोप लगाया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>लंदन | </strong>इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर ललित मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। लंदन में दिए एक इंटरव्यू में मोदी ने दावा किया कि थरूर ने अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर के लिए कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रैंचाइजी में गैरकानूनी तरीके से हिस्सेदारी ली थी।</p>
<h2>कोच्चि स्कैंडल पर मोदी का बड़ा खुलासा</h2>
<p>ललित मोदी ने 2010 के आईपीएल कोच्चि स्कैंडल को याद करते हुए कहा कि इस मामले में सोनिया गांधी भी शशि थरूर का समर्थन कर रही थीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी के फोन आए थे।</p>
<p>मोदी ने कोच्चि कंसोर्टियम की वित्तीय संरचना पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "कोई टीम के लिए 350 मिलियन कैसे दे सकता है, जहां 75% शेयरहोल्डर 100% लागत दे रहे हैं?" उन्हें यह सौदा शुरू से ही संदिग्ध लगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि यह फ्रैंचाइजी लंबे समय तक नहीं चलेगी और दो साल बाद यह बंद भी हो गई। यह सब उन्होंने लंदन में एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में बताया।</p>
<h3>सुनंदा पुष्कर को 25% हिस्सेदारी क्यों?</h3>
<p>ललित मोदी ने बताया कि उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था क्योंकि वह कंसोर्टियम के हर सदस्य से मिलना चाहते थे। बैंगलोर में हुई बैठक में सुनंदा पुष्कर को छोड़कर सभी शेयरधारक मौजूद थे।</p>
<p>जब उन्होंने समझौते में देखा कि सुनंदा पुष्कर नाम की एक महिला को 25% हिस्सेदारी दी जा रही है, तो उन्होंने सवाल किया। मोदी ने कहा, "मैंने पूछा, यह सुनंदा पुष्कर कौन है? जब तक मुझे पता नहीं चलेगा, मैं इस पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा।"</p>
<h2>थरूर ने दी थी रेड करवाने की धमकी</h2>
<p>मोदी के अनुसार, जैसे ही उन्होंने यह सवाल उठाया, उन्हें शशि थरूर का फोन आया। थरूर ने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी।</p>
<blockquote>"ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो। अगर तुमने पूछा, तो मैं सुबह तुम पर रेड करवा दूंगा।"</blockquote>
<p>इस धमकी पर मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह किसी भी हालत में समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "तुम भारत के विदेश मंत्री हो सकते हो, लेकिन तुम मुझे यह बताने की हिम्मत मत करना।"</p>
<h3>BCCI अध्यक्ष के दबाव में किए हस्ताक्षर</h3>
<p>मामले में हंगामा मचने के बाद, मोदी को तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर का फोन आया। मनोहर ने उन्हें उसी रात समझौते पर हस्ताक्षर करने का आदेश दिया।</p>
<p>मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अधिकारियों का सम्मान किया है। उन्होंने मनोहर से कहा कि वह दबाव में हस्ताक्षर कर रहे हैं और यह बात सार्वजनिक कर देंगे कि अध्यक्ष उन्हें मजबूर कर रहे हैं।</p>
<p>अगली सुबह, अखबारों में शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर की शादी की खबर छपी थी। मोदी ने कहा, "अब मुझे समझ आया कि मुझसे इस पर हस्ताक्षर क्यों करवाए जा रहे थे।"</p>
<p>ललित मोदी के इन नए दावों ने सालों पुराने आईपीएल कोच्चि स्कैंडल को एक बार फिर से हवा दे दी है। इन आरोपों से भारतीय क्रिकेट और राजनीति में एक नया भूचाल आ सकता है, जिससे शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बैंक FD बनाम पोस्ट ऑफिस TD: जानें कहां मिल रहा ज्यादा रिटर्न</title>
    <link>https://thinq360.com/bank-fd-vs-post-office-td-which-is-better-for-investment-interest-rate-tax-benefits</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:24:00 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[जून 2026 में, पोस्ट ऑफिस की योजनाएं बैंक FD से बेहतर रिटर्न दे रही हैं। जानें सुरक्षा और टैक्स के नियम।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) लोकप्रिय विकल्प हैं। लेकिन जब दोनों में से किसी एक को चुनने की बात आती है, तो निवेशक अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं। आइए जानते हैं कि जून 2026 में ब्याज दर, सुरक्षा और टैक्स लाभ के मामले में कौन बेहतर है।</p>
<h2>बैंक FD बनाम पोस्ट ऑफिस TD: ब्याज दरों में अंतर</h2>
<p>निवेश की अवधि के आधार पर दोनों योजनाओं की ब्याज दरों में काफी अंतर देखने को मिलता है। वर्तमान में, पोस्ट ऑफिस की योजनाएं ज्यादातर अवधियों के लिए बैंकों से बेहतर रिटर्न दे रही हैं।</p>
<h3>1 और 3 साल के निवेश पर तुलना</h3>
<p>एक साल के निवेश पर पोस्ट ऑफिस टीडी 6.9% ब्याज दे रहा है। वहीं, ज्यादातर बड़े सरकारी और निजी बैंक 6% से 6.75% के बीच ब्याज ऑफर कर रहे हैं।</p>
<p>इसी तरह, तीन साल की अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस 7.1% का आकर्षक ब्याज दे रहा है, जबकि बैंक इसी अवधि के लिए 6% से 6.75% तक ही सीमित हैं।</p>
<h3>5 साल के निवेश में पोस्ट ऑफिस आगे</h3>
<p>लंबी अवधि के निवेश में यह अंतर और भी बढ़ जाता है। पांच साल की पोस्ट ऑफिस टीडी पर 7.5% का शानदार ब्याज मिल रहा है।</p>
<p>इसके मुकाबले, ज्यादातर बड़े बैंक 5 साल की एफडी पर केवल 6% से 6.5% तक ही ब्याज दे रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस की अन्य योजनाएं जैसे राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) 7.7% और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 8.2% का और भी बेहतर रिटर्न दे रही हैं।</p>
<h2>सुरक्षा और टैक्स बेनिफिट: कौन है बेहतर?</h2>
<p>सुरक्षा के लिहाज से पोस्ट ऑफिस का पलड़ा भारी है। इसकी सभी योजनाओं पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, जिसका मतलब है कि आपका मूलधन और ब्याज पूरी तरह सुरक्षित है।</p>
<blockquote>बैंक डिपॉजिट पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही बीमित होती है।</blockquote>
<p>टैक्स के मामले में, दोनों योजनाओं से मिले ब्याज पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।</p>
<p>हालांकि, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत 5 साल की पोस्ट ऑफिस टीडी और बैंक एफडी, दोनों पर आयकर की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट का लाभ मिलता है।</p>
<p>निष्कर्ष के तौर पर, जो निवेशक अधिक रिटर्न और पूरी सुरक्षा चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस की योजनाएं वर्तमान में एक बेहतर विकल्प हैं। खासकर लंबी अवधि के लिए, पोस्ट ऑफिस की स्कीमें बैंकों की तुलना में स्पष्ट रूप से अधिक फायदेमंद हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>मिडिल ईस्ट तनाव से सस्ता हुआ सोना</title>
    <link>https://thinq360.com/gold-rate-today-falls-on-4-june-2026-middle-east-tension</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:13:53 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से सोने की कीमतों में गिरावट आई है। जानें जयपुर, अहमदाबाद समेत बड़े शहरों में आज के रेट।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>गुरुवार, 4 जून 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर सोने के घरेलू हाजिर भाव पर पड़ा है।</p>
<h2>घरेलू बाजार में सोने की कीमतें</h2>
<p>गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत में 110 रुपये की गिरावट आई, जिससे इसका भाव 1,56,260 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।</p>
<p>इसी तरह, 22 कैरेट सोने का भाव 100 रुपये गिरकर 1,43,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 90 रुपये घटकर 1,17,230 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।</p>
<h2>क्यों आई कीमतों में गिरावट?</h2>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव का बढ़ना है। इससे अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों को झटका लगा है।</p>
<p>कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है, जिससे सोने पर दबाव बना है।</p>
<h3>वैश्विक और वायदा बाजार का रुझान</h3>
<p>घरेलू हाजिर बाजार के विपरीत, वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 24.50 डॉलर की बढ़त के साथ 4,491.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।</p>
<p>एक बाजार विश्लेषक ने कहा, <q>घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों का यह अंतर मौजूदा अनिश्चितता को दर्शाता है। निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।</q></p>
<p>भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने का वायदा भाव 721 रुपये की बढ़त के साथ 1,59,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।</p>
<h2>चांदी की कीमतों का हाल</h2>
<p>चांदी की कीमतों में भी वैश्विक स्तर पर तेजी रही। कॉमेक्स पर चांदी का भाव 73.73 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं, MCX पर चांदी का घरेलू वायदा भाव 891 रुपये की बढ़त के साथ 2,63,849 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।</p>
<p>कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कीमती धातुओं का बाजार अस्थिर बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले बाजार के रुझानों पर करीब से नजर रखें।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>भगोड़ा नहीं हूं, राहुल गांधी मुझ पर हमला क्यों करते हैं?</title>
    <link>https://thinq360.com/lalit-modi-targets-rahul-gandhi-says-i-am-not-a-fugitive</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:00:33 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पूर्व IPL चेयरमैन ने कांग्रेस सांसद पर साधा निशाना, कहा- 'मैं भगोड़ा नहीं हूं, 17 साल में कुछ साबित नहीं हुआ'।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong></p>
<p>आईपीएल (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। एक हालिया इंटरव्यू में, मोदी ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी अपने भाषणों में बार-बार उनका नाम क्यों लेते हैं और उन पर निशाना क्यों साधते हैं।</p>
<h2>राहुल गांधी पर सीधा हमला</h2>
<p>ललित मोदी ने कहा, "जब भी आप संसद में देखते हैं, या राहुल गांधी के भाषण सुनते हैं, तो वह हमेशा मुझ पर हमला करते हैं।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि हर चुनाव या किसी भी मुद्दे के उठने पर कांग्रेस द्वारा उन्हें निशाना बनाया जाता है।</p>
<blockquote>"कांग्रेस द्वारा मुझ पर हमला क्यों किया जा रहा है?"</blockquote>
<h3>'कानूनी व्यवस्था से डर नहीं'</h3>
<p>मोदी ने दावा किया कि उन्हें देश की कानूनी व्यवस्था से कोई डर नहीं है। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक बदले की भावना से सावधान रहने की बात कही।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग, चाहे वे विपक्ष में हों या कहीं और, उनके खिलाफ खुन्नस रखते हैं।</p>
<p>उनके मुताबिक, इन्हीं लोगों ने अपने दबदबे का इस्तेमाल करके उनके खिलाफ हंगामा खड़ा किया है।</p>
<h2>"मैं भगोड़ा नहीं हूं"</h2>
<p>खुद को 'भगोड़ा' कहे जाने पर ललित मोदी ने जोरदार खंडन किया। उन्होंने कहा, "मैं भगोड़ा नहीं हूं। मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं।"</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 17 सालों में तमाम आरोपों और बयानबाजी के बावजूद, उनके खिलाफ कोई भी कानूनी मामला साबित नहीं हो पाया है।</p>
<p>मोदी ने कहा, "अगर आप मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो आपको मुझे अदालत में ले जाना होगा। 17 सालों में आप मुझे अदालत में नहीं ले गए। तो आज आप मुझे कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं?"</p>
<h3>अंबानी-अडानी से की अपनी तुलना</h3>
<p>जब उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी तो मुकेश अंबानी और गौतम अडानी पर भी निशाना साधते हैं, तो मोदी ने खुद को अलग बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि क्रिकेट से जुड़ाव होने के कारण उनकी खबरें ज्यादा बिकती हैं। उन्होंने कहा, "अंबानी और अडानी की वजह से अखबार नहीं बिकते। मेरी वजह से खबरें बिकती हैं। क्रिकेट बहुत बड़ा है।"</p>
<p>ललित मोदी के इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके इन दावों से आने वाले समय में कांग्रेस और उनके बीच जुबानी जंग और तेज हो सकती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अमेरिकी सैनिक की मौत पर ईरान से सीज़फायर खत्म कर देंगे ट्रंप</title>
    <link>https://thinq360.com/donald-trump-warns-iran-will-end-ceasefire-if-us-soldier-killed</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 10:37:49 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगियों को बताया है कि किस स्थिति में वह ईरान के साथ चल रहा सीज़फायर खत्म कर देंगे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन | </strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण शांति कायम है, लेकिन यह कभी भी टूट सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी 'रेड लाइन' क्या है।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के हमले में एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत हुई, तो सीज़फायर खत्म हो जाएगा।</p>
<h2>ट्रंप ने क्यों दी यह चेतावनी?</h2>
<p>व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह कड़ा रुख जाहिर किया।</p>
<p>उनसे सवाल पूछा गया था कि क्या कुवैत पर ईरानी हमलों के बावजूद सीज़फायर जारी रहेगा।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि वह मिडिल ईस्ट में एक और बड़ा युद्ध नहीं चाहते हैं और इसके लिए छोटी-मोटी झड़पें बर्दाश्त करने को तैयार हैं।</p>
<p>लेकिन, उन्होंने अपने सहयोगियों को साफ बता दिया है कि किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह उनके लिए अंतिम रेखा है।</p>
<h2>कुवैत क्यों है ईरान के निशाने पर?</h2>
<p>कुवैत, मध्य पूर्व में अमेरिका का एक प्रमुख रणनीतिक सहयोगी देश है।</p>
<p>यहां स्थित अली अल सलेम एयरबेस अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिस पर करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।</p>
<p>इसके अलावा, बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान और हथियार भी यहां मौजूद हैं।</p>
<p>अमेरिकी सेना इस बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए करती रही है। इसी वजह से ईरानी सेना इस एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश करती है।</p>
<h3>सीज़फायर का क्या है मतलब?</h3>
<p>दोनों देशों के बीच सीज़फायर के बावजूद छिटपुट हमले जारी हैं। जब ट्रंप से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने एक दिलचस्प जवाब दिया।</p>
<blockquote><q>दुनिया के उस हिस्से में सीज़फ़ायर का मतलब है कि आप ज़्यादा संयमित तरीके से गोलीबारी कर रहे हैं।</q></blockquote>
<p>ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर "काफी ज़ोरदार हमला" किया था।</p>
<p>ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच की शांति बहुत नाजुक है। एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत इस क्षेत्र को फिर से एक बड़े युद्ध की आग में झोंक सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, बुमराह-नरेन नहीं, इस दिग्गज के नाम</title>
    <link>https://thinq360.com/anil-kumble-holds-best-economy-rate-record-in-ipl-history</link>
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    <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 10:28:17 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[IPL इतिहास में सबसे अच्छी इकॉनमी का रिकॉर्ड जसप्रीत बुमराह या सुनील नरेन के नाम नहीं, बल्कि पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले के नाम है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जब भी सबसे किफायती गेंदबाजी की बात होती है, तो फैंस के जेहन में जसप्रीत बुमराह या सुनील नरेन जैसे नाम आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि IPL इतिहास का यह सबसे बड़ा रिकॉर्ड भारत के ही एक पूर्व कप्तान और महान लेग स्पिनर के नाम दर्ज है?</p>
<p>IPL का 19वां सीजन हाल ही में समाप्त हुआ है, जिसमें एक बार फिर बल्लेबाजों का बोलबाला रहा। 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के आने के बाद से तो जैसे गेंदबाजों के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब 200 से ज्यादा का स्कोर बनाना लगभग हर मैच में आम बात हो गई है।</p>
<p>बल्लेबाज पवेलियन से ही सेट होकर आते हैं और पहली गेंद से ही बाउंड्री की तलाश में रहते हैं। इस आक्रामक क्रिकेट के दौर में अगर कोई गेंदबाज 8 की इकॉनमी से भी रन देता है, तो उसे किफायती मान लिया जाता है।</p>
<h2>अनिल कुंबले: इकॉनमी के बेताज बादशाह</h2>
<p>इन सब के बीच, IPL में सर्वश्रेष्ठ इकॉनमी का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम है। कुंबले ने अपने करियर में सिर्फ 6.58 की अविश्वसनीय इकॉनमी से रन दिए। यह रिकॉर्ड उन गेंदबाजों के लिए है जिन्होंने कम से कम 50 ओवर फेंके हैं।</p>
<p>यह आंकड़ा इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि आज के दौर के बड़े-बड़े दिग्गज गेंदबाज भी 7 की इकॉनमी के करीब नहीं पहुंच पाते हैं। कुंबले की गेंदबाजी में सटीकता और विविधता का मिश्रण था, जिसे बल्लेबाज पढ़ नहीं पाते थे।</p>
<blockquote>जब भी आईपीएल में सबसे किफायती गेंदबाज की बात होती है, तो ज्यादातर फैंस के दिमाग में जसप्रीत बुमराह या सुनील नरेन का नाम आता है। लेकिन आंकड़े अनिल कुंबले की एक अलग ही कहानी बयां करते हैं।</blockquote>
<h3>टॉप-5 में एकमात्र भारतीय, ऐसा रहा करियर</h3>
<p>सबसे किफायती गेंदबाजों की सूची में कुंबले के बाद ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा (6.61) और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (6.63) जैसे दिग्गज हैं। टॉप-5 में वह एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं, जो इस रिकॉर्ड को और भी खास बनाता है।</p>
<p>कुंबले ने अपने IPL करियर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तानी भी की। उन्होंने कुल 42 मैच खेले और 23.51 की औसत से 45 विकेट अपने नाम किए।</p>
<p>उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 2009 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए IPL सीजन में आया था। तब उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सिर्फ 5 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे, जो आज भी IPL के सबसे बेहतरीन स्पेल में से एक गिना जाता है।</p>
<p>आज के हाई-स्कोरिंग टी20 युग में अनिल कुंबले का यह रिकॉर्ड उनकी काबिलियत और महानता का प्रमाण है। यह कीर्तिमान साबित करता है कि सिर्फ गति ही नहीं, बल्कि दिमाग और अनुशासन से भी बल्लेबाजों पर लगाम लगाई जा सकती है। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक अटूट रहने की उम्मीद है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ट्रोलिंग से परेशान इन्फ्लूएंसर ने पीया जहर, लिखा- अब नहीं दिखूंगी</title>
    <link>https://thinq360.com/jodhpur-influencer-anita-bishnoi-attempts-suicide-due-to-online-trolling</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 20:16:01 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[जोधपुर की इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने 'छोटे कपड़ों' पर वीडियो बनाया, ट्रोलिंग से तंग आकर जहर पी लिया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जोधपुर | </strong> सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग कितनी जानलेवा हो सकती है, इसका एक दर्दनाक मामला जोधपुर से सामने आया है। यहां की एक मशहूर इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने लगातार हो रही ऑनलाइन नफरत और धमकियों से तंग आकर जहर पी लिया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p>यह घटना बुधवार सुबह बनाड़ थाना क्षेत्र के शिकारगढ़ में हुई। अनीता को गंभीर हालत में मथुरादास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>अनीता के पति दीनाराम के अनुसार, सारा विवाद एक वीडियो से शुरू हुआ। अनीता ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था जिसमें उन्होंने कहा था, "कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आएगी।"</p>
<p>इस एक लाइन को लेकर उन्हें पिछले 15 दिनों से लगातार ट्रोल किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें भद्दे और अश्लील कमेंट्स कर रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं।</p>
<h3>फेसबुक पर लिखी आखिरी पोस्ट</h3>
<p>यह खौफनाक कदम उठाने से करीब 5 घंटे पहले अनीता ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा, "आज के बाद आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी।" जब तक परिवार वाले कुछ समझ पाते, बहुत देर हो चुकी थी।</p>
<h2>पति ने लगाए गंभीर आरोप</h2>
<p>अनीता के पति दीनाराम ने कुछ अन्य इन्फ्लूएंसर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी पत्नी को टारगेट कर रहे थे और उन्हें बदनाम करने की धमकियां दे रहे थे।</p>
<p>दीनाराम ने बताया, "अनीता राजस्थानी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले वीडियो बनाती थी। लेकिन कुछ लोग उसे लगातार परेशान कर रहे थे। वॉट्सएप पर भी उसे धमकियां मिल रही थीं।"</p>
<h3>यूट्यूब पर दी थी सफाई</h3>
<p>ट्रोलिंग से परेशान होकर अनीता ने चार दिन पहले अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की थी।</p>
<p><q>मैंने इसलिए रील बनाई ताकि ये सब बंद हो जाए। सभी पढ़ी-लिखी औरतें एक जैसी नहीं होती। मैंने सभी औरतों के लिए नहीं बनाया। इसे आप दिल पर मत लेना। मैं किस बात की माफी मांगू। मैंने कुछ गलत नहीं किया।</q></p>
<p>इस वीडियो में उन्होंने साफ कहा था कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था, लेकिन ट्रोलर्स ने उनकी एक नहीं सुनी।</p>
<p>यह घटना सोशल मीडिया के अंधेरे पक्ष को उजागर करती है, जहां ऑनलाइन नफरत और साइबरबुलिंग किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। पुलिस अनीता के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें और मामले की आगे जांच हो।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>10 लाख से ज्यादा कमाई? ITR भरते ही बंद होगी गैस सब्सिडी</title>
    <link>https://thinq360.com/lpg-subsidy-to-stop-for-income-above-10-lakh-after-itr-filing</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:56:55 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[सरकार ने नियम कड़े किए, ITR डेटा से होगी आपकी कमाई की जांच, अपात्रों की रसोई गैस सब्सिडी पर लगेगी रोक।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> अगर आपकी सालाना कमाई 10 लाख रुपये से ज्यादा है और फिर भी आपके बैंक खाते में रसोई गैस (LPG) की सब्सिडी आ रही है, तो अब आपको सावधान हो जाना चाहिए। सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए अपनी निगरानी तेज कर दी है जो पात्र न होते हुए भी सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं।</p>
<p>डिजिटल तकनीक के इस दौर में यह सोचना भूल है कि आपकी मोटी कमाई की जानकारी गैस एजेंसी या सरकार तक नहीं पहुंचेगी। आधुनिक डेटा माइनिंग सिस्टम के जरिए ऐसे मामलों को तेजी से पकड़ा जा रहा है।</p>
<h2>ITR भरते ही कट जाएगी सब्सिडी?</h2>
<p>सरकार ने 2016 में ही यह नियम लागू कर दिया था कि जिन परिवारों की आय एक निश्चित सीमा से अधिक है, उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। पहले यह सेल्फ-डिक्लेरेशन पर आधारित था, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी तरह से डेटा-ड्रिवन हो गई है।</p>
<p>जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते हैं, तो आपकी वित्तीय जानकारी आयकर विभाग के पास दर्ज हो जाती है। सरकार अब इसी डेटा का मिलान गैस कनेक्शन के डेटाबेस से कर रही है।</p>
<h3>कैसे काम करता है सरकार का सिस्टम?</h3>
<p>आजकल लगभग सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और गैस कनेक्शन की जानकारी आपस में जुड़ी हुई है। इस इंटरलिंक्ड सिस्टम ने सरकार के लिए पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना बेहद आसान बना दिया है।</p>
<blockquote>सरकार विभिन्न डेटाबेस के माध्यम से आय संबंधी सूचनाओं का मिलान करके यह सुनिश्चित कर रही है कि सब्सिडी केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।</blockquote>
<p>अगर किसी उपभोक्ता की घोषित आय 10 लाख रुपये की सीमा से अधिक पाई जाती है, तो उसकी एलपीजी सब्सिडी तुरंत रोक दी जाती है। यह प्रक्रिया स्वचालित रूप से काम करती है।</p>
<h2>पति-पत्नी की आय का नियम समझें</h2>
<p>एलपीजी सब्सिडी के नियमों में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें केवल गैस कनेक्शन धारक की आय नहीं देखी जाती। नियम के अनुसार, अगर पति या पत्नी में से किसी एक की भी कर योग्य आय सालाना 10 लाख रुपये से अधिक है, तो उस परिवार को सब्सिडी के लिए अपात्र माना जाएगा।</p>
<p>कई परिवार इस नियम को लेकर भ्रम में रहते हैं और उन्हें लगता है कि कनेक्शन जिसके नाम पर है, सिर्फ उसी की आय मायने रखती है, जबकि ऐसा नहीं है।</p>
<h3>क्या करें उपभोक्ता?</h3>
<p>यदि आपकी या आपके जीवनसाथी की आय 10 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ देनी चाहिए। आप 'Give It Up' अभियान के तहत ऐसा कर सकते हैं।</p>
<p>गलत जानकारी देकर या अपात्र होते हुए भी लाभ लेने की कोशिश करने पर भविष्य में सब्सिडी बंद होने के साथ-साथ जांच की संभावना भी बन सकती है। इसलिए, अपने इनकम रिकॉर्ड और गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों को हमेशा अपडेट रखें और नियमों का पालन करें।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान: सरकार के खिलाफ कर्मचारियों की यात्रा, निजीकरण का विरोध</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-state-employees-protest-march-against-government-policies-rghs</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 19:38:03 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[महासंघ ने 25 सूत्री मांगों और RGHS के निजीकरण के विरोध में 8 जून से प्रदेशव्यापी यात्रा शुरू की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासंघ ने 8 जून से प्रदेशव्यापी 'कर्मचारी जागृति यात्रा' का शुभारंभ किया है, जिसका जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्री गणेश किया गया।</p>
<h2>कर्मचारी जागृति यात्रा का उद्देश्य और प्रमुख मांगें</h2>
<p>महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में यह यात्रा राज्य सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए आयोजित की जा रही है।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के आत्म सम्मान और हितों की रक्षा करने में विफल रही है।</p>
<h3>RGHS के निजीकरण पर आक्रोश</h3>
<p>कर्मचारियों में सबसे बड़ा आक्रोश राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में सुधार करने के बजाय उसके निजीकरण की तैयारी को लेकर है।</p>
<p>महासंघ ने इसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभों पर सीधा हमला बताया है और इस कदम का पुरजोर विरोध करने का संकल्प लिया है।</p>
<blockquote>राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया है। चिंताजनक बात यह है कि राज्य सरकार अब वर्षों से चली आ रही राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में सुधार करने के बजाय उसके निजीकरण की तैयारी में है।</blockquote>
<h3>25 सूत्री मांगों पर सरकार की अनदेखी</h3>
<p>राठौड़ ने बताया कि सरकार के साथ संवादहीनता के कारण कर्मचारियों की 25 सूत्री न्यायोचित मांगें लंबे समय से लंबित हैं।</p>
<p>इन मांगों में चयनित वेतनमान को 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर देने की मांग प्रमुख है।</p>
<p>इसके अलावा, मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 देने और संविदा व ठेका कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग है।</p>
<p>अन्य मांगों में वेतन विसंगतियों का निराकरण और बजट घोषणा के अनुसार लंबित पदोन्नतियों के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट देना शामिल है।</p>
<h2>यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम</h2>
<p>यह जागृति यात्रा पूरे प्रदेश को कवर करेगी और विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>यात्रा 8 जून को दौसा, अलवर और भरतपुर से शुरू होगी। इसके बाद 9 जून को धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर पहुंचेगी।</p>
<p>10 और 11 जून को यह यात्रा टोंक, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में कर्मचारियों को जागरूक करेगी।</p>
<p>12 से 14 जून के बीच यात्रा भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, राजसमंद, ब्यावर और अजमेर पहुंचेगी।</p>
<p>एक छोटे अंतराल के बाद, 17 जून को पाली, सिरोही और जालौर से यात्रा फिर शुरू होगी।</p>
<p>18 और 19 जून को बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, जोधपुर और नागौर जिलों को कवर किया जाएगा।</p>
<p>यात्रा का अंतिम चरण 23 से 25 जून तक चलेगा, जिसमें सीकर, झुंझुनू, चुरु, हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर और डीडवाना शामिल होंगे।</p>
<p>इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य भर के कर्मचारियों को एकजुट करना और सरकार पर उनकी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाना है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>आमिर खान की तीसरी शादी, 5 जुलाई को गौरी बनेंगी दुल्हन</title>
    <link>https://thinq360.com/aamir-khan-third-marriage-with-gauri-spratt-on-july-5</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:54:46 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>मनोरंजन</category>
    <description><![CDATA[मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। जानें पूरी खबर।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई | </strong> बॉलीवुड के गलियारों से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर खान तीसरी बार शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी होने वाली दुल्हन का नाम गौरी स्प्रैट है।</p>
<h2>आमिर खान की तीसरी शादी की तारीख तय</h2>
<p>आमिर खान से जुड़े करीबी सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है कि एक्टर बहुत जल्द शादी करने वाले हैं। खबर के अनुसार, शादी की तारीख भी तय हो चुकी है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करेंगे। यह शादी किसी भव्य समारोह में नहीं, बल्कि बेहद सादे तरीके से होगी।</p>
<p>इस शादी में केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि यह एक रजिस्टर्ड मैरिज होगी, जिसमें कुछ जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।</p>
<p>आमिर और गौरी अपने रिश्ते को एक नया नाम देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस खास पल को निजी रखना चाहते हैं।</p>
<h3>कौन हैं आमिर की दुल्हनिया गौरी स्प्रैट?</h3>
<p>जब से आमिर की शादी की खबर आई है, हर कोई जानना चाहता है कि गौरी स्प्रैट कौन हैं। गौरी बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उनका ज्यादातर जीवन वहीं बीता है।</p>
<p>उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने ब्लू माउंटेन स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने फैशन से जुड़ा कोर्स किया।</p>
<p>गौरी ने लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ द आर्ट्स से स्टाइलिंग और फोटोग्राफी में भी कोर्स किया है। वह एक प्रतिभाशाली प्रोफेशनल हैं।</p>
<p>फिलहाल, गौरी आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ काम कर रही हैं। उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो उनका एक 6 साल का बेटा भी है।</p>
<p>आमिर और गौरी की जान-पहचान कोई नई नहीं, बल्कि 25 साल पुरानी है। हालांकि, दोनों ने करीब दो साल पहले एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था।</p>
<h2>आमिर ने पहले ही मान लिया था पत्नी</h2>
<p>आमिर और गौरी के एक करीबी सूत्र ने बताया कि दोनों पिछले एक साल से एक परिवार की तरह ही रह रहे हैं।</p>
<blockquote>आमिर और गौरी करीब पिछले एक साल से एक परिवार की तरह रह रहे हैं। उन्होंने एक साथ में एक खुशनुमा परिवार बनाया है और अब इन्होंने इसे ऑफीशियल करने का फैसला लिया है।</blockquote>
<p>कुछ समय पहले आमिर खान ने यह भी कहा था कि वह अपने दिल में गौरी को अपनी पत्नी मान चुके हैं और उनके लिए रिश्ते की औपचारिकता ज्यादा मायने नहीं रखती।</p>
<p>अब उन्होंने अपने इस खूबसूरत रिश्ते को कानूनी रूप देने का फैसला किया है, जो उनके फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।</p>
<h3>आमिर खान की पिछली दो शादियां</h3>
<p>यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी। उनकी पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी। यह शादी 1986 में हुई थी और दोनों ने घर से भागकर एक सीक्रेट कोर्ट मैरिज की थी।</p>
<p>रीना और आमिर की शादी 16 साल तक चली और 2002 में दोनों का तलाक हो गया। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं, आइरा खान और जुनैद खान।</p>
<p>इसके बाद आमिर खान ने फिल्म मेकर किरण राव से 2005 में दूसरी शादी की। किरण और आमिर की शादी 15 साल चली।</p>
<p>साल 2021 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया था। किरण से आमिर का एक बेटा है, जिसका नाम आजाद राव खान है।</p>
<p>आमिर खान के इस फैसले ने इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है। फैंस और करीबी लोग इस नई शुरुआत के लिए उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और 5 जुलाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>थलपति विजय: भारत के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री</title>
    <link>https://thinq360.com/thalapathy-vijay-becomes-indias-third-richest-chief-minister-net-worth</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[सुपरस्टार से नेता बने थलपति विजय ₹648 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के तीसरे सबसे अमीर सीएम बने।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई | </strong>साउथ के सुपरस्टार थलपति विजय ने सिर्फ सिनेमा के पर्दे पर ही नहीं, बल्कि राजनीति के मैदान में भी अपनी धाक जमा ली है। हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार, विजय भारत के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनकी यह उपलब्धि मनोरंजन और राजनीति, दोनों दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।</p>
<h2>सिनेमा के 'मास्टर' से सियासत के 'थलपति' तक</h2>
<p>थलपति विजय, जिनका पूरा नाम सी. जोसेफ विजय है, दशकों से तमिल सिनेमा पर राज कर रहे हैं। उन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और देखते ही देखते इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में से एक बन गए।</p>
<p>'घिल्ली', 'पोकीरी', 'मास्टर' और 'लियो' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने उन्हें न केवल दक्षिण भारत में, बल्कि पूरे देश में एक घरेलू नाम बना दिया। उनकी फिल्मों का रिलीज होना किसी त्योहार से कम नहीं होता, जो उनके जबरदस्त स्टारडम को दिखाता है।</p>
<h3>राजनीति में धमाकेदार एंट्री</h3>
<p>फिल्मों में अपार सफलता के बाद, विजय ने समाज सेवा और राजनीति की ओर रुख किया। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलागा वेट्री कजगम' (TVK) की स्थापना की। उनकी साफ-सुथरी छवि और युवाओं के बीच भारी लोकप्रियता ने उन्हें एक मजबूत राजनीतिक आधार प्रदान किया।</p>
<p>विजय ने खुद को सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक जननेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। इसी प्रयास ने उन्हें तमिलनाडु की राजनीति के शिखर तक पहुंचाया है।</p>
<h2>कितनी है थलपति विजय की कुल संपत्ति?</h2>
<p>एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, थलपति विजय की कुल घोषित संपत्ति लगभग 648 करोड़ रुपये है। इस विशाल संपत्ति ने उन्हें देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है।</p>
<p>उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनके शानदार फिल्मी करियर से आता है। वह दक्षिण भारत के सबसे अधिक फीस लेने वाले अभिनेताओं में से एक रहे हैं। इसके अलावा, ब्रांड एंडोर्समेंट, प्रोडक्शन हाउस में निवेश और रियल एस्टेट ने भी उनकी संपत्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<blockquote>एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, "विजय की लोकप्रियता और साफ छवि उन्हें राजनीति में एक मजबूत दावेदार बनाती है। उनका स्टारडम वोटों में तब्दील होने की पूरी क्षमता रखता है।"</blockquote>
<h3>अमीरी में कौन है नंबर 1 और 2?</h3>
<p>इस सूची में विजय से आगे दो और बड़े नाम हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 1,413 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पहले स्थान पर काबिज हैं।</p>
<p>वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। इन दिग्गजों के बीच विजय का तीसरे स्थान पर होना उनकी वित्तीय ताकत को दर्शाता है।</p>
<h2>सादगी और लग्जरी का मिश्रण</h2>
<p>अरबों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद, विजय अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक प्राइवेट रखते हैं। वह एक सादा जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके पास लग्जरी कारों का एक शानदार कलेक्शन भी है।</p>
<p>उनकी शादी संगीता विजय से हुई है और उनके दो बच्चे हैं। वह अक्सर सामाजिक और चैरिटी कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं, जिससे उनकी फैन फॉलोइंग और भी मजबूत होती है।</p>
<p>थलपति विजय का एक सफल अभिनेता से देश के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री बनने तक का सफर वाकई प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि उन्होंने न केवल मनोरंजन की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, बल्कि अब वह भारतीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभर रहे हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान यूनिवर्सिटी में ABVP का हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-university-abvp-protest-police-lathicharge-student-demands</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:29:06 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[छात्रसंघ चुनाव बहाली और फीस वृद्धि वापसी की मांग को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने कुलपति सचिवालय का घेराव किया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong></p>
<p>राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाली और फीस वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। सिंडीकेट बैठक से पहले छात्रों ने कुलपति सचिवालय का घेराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया।</p>
<h2>पुलिस और छात्रों के बीच झड़प</h2>
<p>प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे।</p>
<p>बड़ी संख्या में छात्र परिसर में इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।</p>
<p>जब छात्रों ने सचिवालय के अंदर घुसने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस के साथ हल्की झड़प हो गई।</p>
<p>स्थिति को बिगड़ता देख, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर दिया।</p>
<p>इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन छात्रों को हिरासत में भी ले लिया। घटना के बाद कैंपस में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<h2>ABVP ने लगाया आवाज दबाने का आरोप</h2>
<p>अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संयोजक (राज्य विश्वविद्यालय) भारत भूषण यादव ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।</p>
<blockquote>उन्होंने कहा, "परिषद के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से कुलपति सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने छात्रों के साथ सख्ती बरती।"</blockquote>
<p>यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई छात्रों की आवाज को दबाने के लिए की गई है, जिसे परिषद किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।</p>
<h3>क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?</h3>
<p>भारत भूषण यादव ने बताया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में लगातार फीस बढ़ाई जा रही है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कैंपस में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है और कई हॉस्टल व विभागों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं।</p>
<p>कई जगहों पर छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा को खतरा है।</p>
<p>इसके अलावा, लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है।</p>
<h2>ये हैं छात्रों की 5 प्रमुख मांगें</h2>
<p>ABVP ने प्रशासन के सामने अपनी पांच सूत्री मांगें रखी हैं, जिन्हें लेकर यह प्रदर्शन किया गया।</p>
<p><strong>1. फीस वृद्धि वापसी:</strong> बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापस लिया जाए।</p>
<p><strong>2. छात्रसंघ चुनाव:</strong> प्रवेश परीक्षाओं और परिणामों को समय पर पूरा कर छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं।</p>
<p><strong>3. बेहतर सुविधाएं:</strong> छात्रावासों और कैंपस में पीने के पानी, सफाई और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।</p>
<p><strong>4. पुस्तकालय:</strong> भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय को पूरी तरह से शुरू किया जाए और जर्जर भवनों की मरम्मत हो।</p>
<p><strong>5. समय पर परिणाम:</strong> सभी परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित किए जाएं।</p>
<h3>आंदोलन की चेतावनी</h3>
<p>ABVP ने चेतावनी दी है कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जयपुर में शौर्य संस्कार सेवा संगठन का समर कैंप</title>
    <link>https://thinq360.com/shaurya-sanskar-seva-sangathans-summer-camp-in-jaipur</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:28:27 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="217" data-end="517"><strong data-start="217" data-end="237">जयपुर।</strong> शौर्य संस्कार सेवा संगठन द्वारा शिवपुरी कॉलोनी, सत्य नगर, झोटवाड़ा में बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए निःशुल्क <strong data-start="346" data-end="387">शौर्य एवं संस्कार प्रशिक्षण कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया जा रहा है। 15 जून तक चलने वाले इस विशेष समर कैंप में वर्तमान में लगभग <strong data-start="472" data-end="517">80 बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।</strong></p>
<p data-start="519" data-end="814">कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें। प्रशिक्षण के अंतर्गत <strong data-start="692" data-end="772">तलवारबाजी, दंड शास्त्र, आत्मरक्षा तकनीक, भारतीय संस्कृति तथा नैतिक संस्कारों</strong> का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<h2 data-section-id="1wlyqsa" data-start="816" data-end="870"><span role="text"><strong data-start="819" data-end="870">राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संस्कृति का अनूठा संगम</strong></span></h2>
<p data-start="872" data-end="1277">संगठन की संस्थापिका <strong data-start="892" data-end="914">विजयलक्ष्मी शेखावत</strong> के मार्गदर्शन एवं अध्यक्ष <strong data-start="941" data-end="957">डिंपल राठौड़</strong> के नेतृत्व में यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण व्यवस्था में <strong data-start="1037" data-end="1158">दिव्यांशी शेखावत, खुशी नरूका, कृष्णवी शक्तावत, याचिका तंवर, साक्षी शेखावत, पुष्पा शेखावत, राज कंवर एवं बिंदिया राठौड़</strong> सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सभी प्रशिक्षक बालिकाओं को आत्मरक्षा, शौर्य प्रशिक्षण एवं संस्कार शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p data-start="872" data-end="1277"><img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/6125020545951665938.webp" alt="" width="1280" height="567"></p>
<h2 data-section-id="1v0xy28" data-start="1279" data-end="1328"><span role="text"><strong data-start="1282" data-end="1328">संस्कृत श्लोकों से होता है शाखा का शुभारंभ</strong></span></h2>
<p data-start="1330" data-end="1563">प्रतिदिन प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत <strong data-start="1364" data-end="1402">ज्योतिर्विद पंडित फणींद्र शास्त्री</strong> द्वारा संस्कृत श्लोकों के कंठस्थ अभ्यास से करवाई जाती है। इससे बालिकाओं में भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति रुचि विकसित हो रही है।</p>
<h2 data-section-id="1oxwuy1" data-start="1565" data-end="1608"><span role="text"><strong data-start="1568" data-end="1608">योग और प्राणायाम से बढ़ रही एकाग्रता</strong></span></h2>
<p data-start="1610" data-end="1850">कार्यक्रम में <strong data-start="1624" data-end="1661">योगालय के संस्थापक आशुतोष सक्सेना</strong> द्वारा नियमित योगाभ्यास एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। योग सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<h2 data-section-id="jmyk44" data-start="1852" data-end="1901"><span role="text"><strong data-start="1855" data-end="1901">अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने की सराहना</strong></span></h2>
<p data-start="1903" data-end="2185">स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने इस पहल को समाजहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए संगठन के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षा एवं संस्कारों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पत्नी को तमंचा दिखाया, बोला- जेल जाना है, बीवी छुड़ा लेगी</title>
    <link>https://thinq360.com/etawah-man-threatens-wife-with-gun-to-go-to-jail</link>
    <guid isPermaLink="true">https://thinq360.com/etawah-man-threatens-wife-with-gun-to-go-to-jail</guid>
    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:52:53 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[इटावा में ट्रैक्टर चालक ने जेल देखने की चाहत में पत्नी को तमंचे से धमकाया, फिर खुद पुलिस के पास पहुंच गया। उसकी बातें सुनकर सब हैरान हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>इटावा | </strong> उत्तर प्रदेश के इटावा से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने जेल जाने की अपनी अजीबोगरीब इच्छा को पूरा करने के लिए एक खतरनाक कदम उठाया। उसने पहले अपनी पत्नी को तमंचे से धमकाया और फिर खुद ही हथियार लेकर पुलिस चौकी पहुंच गया।</p>
<h2>जेल जाने की अनोखी सनक</h2>
<p>यह विचित्र घटना इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के अहेरीपुर गांव की है। यहां रहने वाला कोमल सिंह नाम का एक ट्रैक्टर चालक लंबे समय से सेंट्रल जेल के अंदर की दुनिया देखना चाहता था। उसकी यह इच्छा इतनी प्रबल हो गई कि उसने इसके लिए कानून तोड़ने का फैसला कर लिया।</p>
<p>अपनी इस सनक को पूरा करने के लिए उसने एक खतरनाक योजना बनाई। उसने कहीं से एक अवैध तमंचा और दो कारतूस का इंतजाम किया। इसके बाद उसने जो किया, उससे उसका परिवार और पुलिस दोनों ही हैरान रह गए।</p>
<h3>क्या है पूरा मामला?</h3>
<p>मंगलवार को, जब पुलिस कोमल सिंह को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई, तो उसने अपनी पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि उसका अपनी पत्नी संगीता से कोई विवाद नहीं हुआ था। उसने सिर्फ जेल जाने के लिए तीन दिन पहले उसे तमंचा दिखाकर धमकाया था।</p>
<p>पत्नी को डराने के तुरंत बाद, वह 315 बोर का तमंचा और कारतूस लेकर सीधे अहेरीपुर पुलिस चौकी पहुंच गया। वहां उसने पुलिस को हथियार सौंपते हुए खुद को गिरफ्तार करने के लिए कहा। पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।</p>
<h2>वायरल वीडियो में किया चौंकाने वाला खुलासा</h2>
<p>अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कोमल सिंह बेबाकी से अपनी हरकत की वजह बता रहा है।</p>
<p>उसने कहा, 'मैं गिट्टी-मौरंग का ट्रैक्टर चलाता हूं और खुद का मालिक हूं। मेरे पास 315 बोर का तमंचा है और मुझे जेल जाना है।'</p>
<p>जब उससे पूछा गया कि वह बाहर कैसे आएगा, तो उसने एक और हैरान करने वाली बात कही।</p>
<p><q>जेल चला जाऊंगा तो मेरी पत्नी छह महीने के अंदर मुझे बाहर निकलवा लेगी।</q></p>
<p>उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अस्पताल का स्टाफ भी अपनी हंसी नहीं रोक पाया।</p>
<h3>'बीवी के लिए लाऊंगा लहंगा'</h3>
<p>कोमल सिंह यहीं नहीं रुका। उसने आगे कहा कि जिस दिन भी वह जमानत पर जेल से बाहर आएगा, अपनी पत्नी के लिए एक सुंदर लहंगा लेकर आएगा। उसका यह आत्मविश्वास और जेल जाने की खुशी देखकर हर कोई चकित था। उसने यह भी बताया कि उसके ड्राइवर ने चोरी की थी, इसलिए उसने उसे भगा दिया था।</p>
<h2>पुलिस ने क्या कार्रवाई की?</h2>
<p>बकेवर थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन मलिक ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी कोमल सिंह तमंचा लेकर क्षेत्र में घूम रहा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जिससे उसकी इच्छा पूरी हो गई।</p>
<p>थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि आरोपी नशे का आदी लग रहा है। पुलिस अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है और उसकी पृष्ठभूमि की भी पड़ताल की जा रही है।</p>
<p>यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मानसिक तनाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ इसे नशे का असर मान रहे हैं। कारण जो भी हो, लेकिन जेल जाने के लिए ऐसा तरीका अपनाना वाकई में हैरान करने वाला है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद टीएमसी का बड़ा फैसला</title>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:38:27 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p data-start="107" data-end="455"><strong data-start="107" data-end="119">कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Mamata Banerjee</span></span> ने संगठन में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है। पार्टी ने सभी स्तरों की संगठनात्मक समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला लिया है। इस संबंध में टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पत्र जारी कर जानकारी दी।</p>
<p data-start="457" data-end="712">पार्टी के अनुसार, चुनावी परिणामों की व्यापक समीक्षा, संगठनात्मक मूल्यांकन और आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद संगठन का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा। टीएमसी ने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।</p>
<h3 data-section-id="ezhp9u" data-start="714" data-end="757">संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी</h3>
<p data-start="759" data-end="1106">हालांकि पार्टी ने समितियों को भंग करने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे हालिया चुनावी हार और संगठन के भीतर उभरी चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि टीएमसी नेतृत्व संगठन को पुनर्गठित कर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना चाहता है और पार्टी पर अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहता है।</p>
<h3 data-section-id="1vweu08" data-start="1108" data-end="1160">एक दिन पहले ममता बनर्जी ने किया था धरना प्रदर्शन</h3>
<p data-start="1162" data-end="1514">इससे पहले मंगलवार को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Mamata Banerjee</span></span> ने कोलकाता में धरना-प्रदर्शन किया था, जिसमें <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Abhishek Banerjee</span></span> समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगातार अत्याचार किए जा रहे हैं और हाल ही में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।</p>
<p data-start="1516" data-end="1649">धरने के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तब तक संघर्ष जारी रखेंगी जब तक भाजपा को सत्ता से बाहर नहीं कर देतीं।</p>
<h3 data-section-id="1jhxp9f" data-start="1651" data-end="1698">चुनावी हार के बाद बढ़ी संगठनात्मक चुनौतियां</h3>
<p data-start="1700" data-end="1948">चुनावी नतीजों के बाद टीएमसी को संगठनात्मक स्तर पर भी झटके लगे हैं। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। हाल ही में पार्टी ने अपने दो विधायकों को कथित तौर पर पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित भी किया।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>हेमाराम चौधरी का बड़ा बयान, गहलोत को दी संन्यास की सलाह?</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-congress-leader-hemaram-choudhary-statement-on-ashok-gehlot-and-youth-leadership</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:36:18 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[78 वर्षीय कांग्रेस नेता ने कहा- 'अब हमारी उम्र हो चुकी है, नए लोगों को आगे आने दिया जाए।']]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बाड़मेर | </strong> राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर पुराने और नए चेहरों के बीच की बहस तेज हो गई है। इस बार इस चर्चा को हवा दी है मारवाड़ के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने। 78 वर्षीय नेता ने एक इंटरव्यू में जो कहा, उससे कांग्रेस के गलियारों में हलचल मच गई है।</p>
<h2>'गहलोत को सलाह देने की हैसियत नहीं'</h2>
<p>जब हेमाराम चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सलाह देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गहलोत तीन बार के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, उन्हें सलाह देने की उनकी हैसियत नहीं है।</p>
<p>हालांकि, इसी विनम्रता के साथ उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे दिया। चौधरी ने कहा कि यह अब गहलोत को खुद सोचना और आत्मचिंतन करना है कि आगे क्या करना है।</p>
<p>उनका यह बयान सीधे तौर पर राजस्थान कांग्रेस के स्थापित और वरिष्ठ नेताओं के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह इशारा नेतृत्व हस्तांतरण की ओर था।</p>
<h3>राजनीति में आत्मचिंतन का समय</h3>
<p>हेमाराम चौधरी ने स्पष्ट किया कि राजनीति में एक समय आता है जब एक नेता को अपनी भूमिका पर फिर से विचार करना पड़ता है। यह समय अगली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लेने का होता है।</p>
<p>उनके इस बयान ने राजस्थान की आगामी संगठनात्मक राजनीति के लिए एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे पीढ़ीगत बदलाव की मांग के तौर पर देख रहे हैं।</p>
<h2>'हम कब तक सेवा करते रहेंगे?'</h2>
<p>अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए 78 वर्षीय नेता ने अपनी उम्र का हवाला दिया। उन्होंने एक भावुक लेकिन व्यावहारिक सवाल उठाया।</p>
<blockquote>हमारी उम्र अब पूरी तरह से हो चुकी है। आखिर कब तक और किस उम्र तक हम जनता और कांग्रेस पार्टी की अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा करते रहेंगे?</blockquote>
<p>उन्होंने कहा कि अब सही समय आ गया है कि पुराने लोग थोड़ा पीछे हटें। नए और ऊर्जावान चेहरों को संगठन और सत्ता में आगे आने का पूरा मौका मिलना चाहिए।</p>
<h3>खुद दिया युवाओं को मौका</h3>
<p>हेमाराम चौधरी ने सिर्फ बातें नहीं कीं, बल्कि अपनी बात को साबित करने के लिए बाड़मेर की राजनीति से उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने खुद चुनावी राजनीति से पीछे हटने का फैसला किया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "मैंने खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और अपनी जगह हरीश चौधरी को मजबूती से तैयार किया।"</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में लोकसभा चुनाव जीते उम्मेदाराम बेनीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे पार्टी ने उन्हें आगे बढ़ाकर संसद तक पहुंचाया।</p>
<p>हेमाराम चौधरी का यह बयान उन नेताओं के लिए एक बड़ी नसीहत है जो उम्र के बावजूद पदों की दौड़ में बने रहते हैं। उनका यह साफ संदेश है कि कांग्रेस को अगर भविष्य में मजबूत होना है तो उसे युवाओं पर भरोसा करना होगा और उन्हें नेतृत्व की भूमिका में लाना होगा। फिलहाल उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>कोचिंग विवाद: रौशन आनंद का आरोप- खान सर ने मुझे फंसाया</title>
    <link>https://thinq360.com/patna-coaching-dispute-raushan-anand-accuses-khan-sir-of-conspiracy</link>
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    <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:31:14 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[गिरफ्तार रौशन आनंद का पहला बयान, कहा- बेहतर रिजल्ट से जलते हैं खान सर, मुझे बर्बाद करने की साजिश रची।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>पटना | </strong>बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच चल रही व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता अब एक गंभीर आपराधिक मामले में बदल गई है। खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने इस पूरे मामले को खान सर की एक बड़ी साजिश करार दिया है।</p>
<p>पुलिस द्वारा कोर्ट ले जाए जाने के दौरान रौशन आनंद ने मीडिया के सामने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें और उनके संस्थान को एक सोची-समझी योजना के तहत फंसाया जा रहा है, ताकि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा सके।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>यह विवाद 2 जून 2026 की रात को शुरू हुआ, जब खान सर के कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर कुछ लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ की।</p>
<p>इस घटना के बाद खान सर ने आरोप लगाया था कि उन पर हमला किया गया है।</p>
<p>पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।</p>
<h3>रिजल्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद</h3>
<p>रौशन आनंद ने इस पूरी साजिश के पीछे की वजह कोचिंग के रिजल्ट और साख की लड़ाई को बताया है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि हाल ही में बिहार पुलिस सिपाही बहाली परीक्षा में उनके संस्थान का रिजल्ट खान सर के संस्थान से काफी बेहतर था।</p>
<p>आनंद का आरोप है कि खान सर इस सफलता को पचा नहीं पाए और इसी वजह से उन्होंने ज्ञान बिंदु को बदनाम करने की योजना बनाई।</p>
<blockquote>यह पूरा मामला खान सर की एक बड़ी साजिश है। मुझे जानबूझकर फंसाने और मेरी कोचिंग ज्ञान बिंदु को पूरी तरह बर्बाद करने के लिए यह पूरी योजना तैयार की गई है।</blockquote>
<h2>गोलीबारी के दावे पर उठे सवाल</h2>
<p>रौशन आनंद ने खान सर द्वारा किए गए गोलीबारी के दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उस रात कोई फायरिंग नहीं हुई थी और यह बात सिर्फ मामले को गंभीर बनाने के लिए फैलाई गई थी।</p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि खुद खान सर बाद में अपने बयान से पलट गए थे और उन्होंने स्वीकार किया था कि उन्हें गार्ड से गलत जानकारी मिली थी।</p>
<p>पटना पुलिस ने भी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में साफ किया है कि सीसीटीवी फुटेज में गोलीबारी का कोई सबूत नहीं मिला है।</p>
<p>पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर के आवेदन पर रौशन आनंद और अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है, लेकिन आवेदन में भी फायरिंग का कोई जिक्र नहीं है।</p>
<p>इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पटना के कोचिंग जगत में भूचाल ला दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और इस कोचिंग वॉर का अंजाम क्या होता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
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