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"शहरों में 'ताजगी' एक ब्रांड बन चुकी है, जिसे लोग महंगी कीमत और प्लास्टिक की पैकेजिंग में ढूंढते हैं। उन्हें लगता है कि जो महंगा है, वही शुद्ध है। लेकिन हमारे गांव के बाजारों का फलसफा अलग है- जहां सुबह खेत से कटी फसल, सुबह ही थाली में सज जाती है। असली रईसी महंगे दामों में नहीं,


