ये क्या हो रहा है। सर्द हवाओं के झोंके में ओर हरे भरे पेड़ो के गुच्छ में।
लेकिन वहाँ भी कहा शांति से आनंद लेने देते हैं लोग।
पर चूसने की बजाय चु$ने में ज्यादा फायदा रहता। नीचे कोई देखता भी नही।
सही है ना!
तेरा जैसा चु#तिया किसी को नही मिले।
ऐसे कहकर गयी है बेचारी।
ऊपर ऊपर से ही सहलाओगे तो ये ही सुनने को
मिलेगा। अंदर तक जान लगाकर गहराई वाला मजा दो। जाएगी भी तो याद रखेगी