नवरात्रि के नवम दिवस पर माता के नवम स्वरूप "माँ सिद्धिदात्री" की पूजा की जाती है।
माता सिद्धिदात्री का स्वरूप
इनके हाथों में गदा, चक्र, शंख और कमल होता है।
ये सिंह पर या कमल के आसन पर विराजमान होती हैं।
माँ अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियाँ (अनिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति,
देवी दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा माता नवरात्रि के चौथे दिन पूजित होती हैं। इन्हें "अष्टभुजा देवी" भी कहा जाता है क्योंकि इनकी आठ भुजाएँ हैं।
विशेषताएँ :
नाम का अर्थ : कूष्मांडा शब्द का अर्थ है — "कू" (थोड़ा), "उष्मा" (ऊर्जा/तेज) और "अंड" (ब्रह्माण्ड)। अर्थात् वह शक्ति जिसने
नवरात्रि के सातवें दिवस में मां काल रात्रि की पूजा की जाती है।
काली मैया (माँ काली) को शक्ति, समय और विनाश की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। वे माँ दुर्गा का उग्र रूप हैं और अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए राक्षसों का संहार करती हैं।
मुख्य स्वरूप व महत्व
रूप: माँ काली का रूप