
कर ताना बाना -कोई ,बहाना न बना !
हार और जीत -दो पहलू !
न ठहर , एक जगह -एक, ठिकाना न बना !
चल ,परिंदों सा – उड़ चल !!
जो न ठहरे -वो हवा !!
जो ,बरसे तो बादल -और, ठहरे तो मक़ा !!
ज़िंदगी है -कोई सौगात !!!
इत्तेफ़ाक़ नहीं -न ठहरो !!!
कब मिल जाये -सौगात ,किसे क्या !!!
सब है मुमकिन iv
सब सोचों से बदल जाता है iv
ज़िन्दगी है हकीकत – तुमने ,सोचा है कभी क्या iv





