Monthly Archives: December 2019

शर्मनाक आवाज़ें

शर्मनाक बहुत कुछ है मेरे भारत में, एक मेरी आवाज़ ही तुमने क्यों देखी ? नमक के साथ रोटी लिए बचपन है शर्मनाक, सड़क पे सिटीयाँ, फब्तियां सुनती जवानी है शर्मनाक, शर्मनाक वो डिग्रियां भी हैं, जिनकी रद्दी सी है … Continue reading

Posted in Uncategorized | 1 Comment