हमारे बचपन में तो प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाना आम बात मानी जाती थी। किसी की जान को खतरा नहीं सुनाई पड़ा।
आलोक जोशी AlokJoshi
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- दीप सिद्धू कहां है? जेएनयू वाली नकाबपोश लड़की कहां है? इन दोनों सवालों में कोई रिश्ता नहीं है। बस साथ पूछ लिए हैं।
- पुलिस कार्रवाई की कितनी भी निंदा कर ली जाए। जहर की खेती करनेवालों को पत्रकार बता कर उनका समर्थन करनेवाले बराबर के अपराधी हैं।
- किसी को #NobelPrize न मिलने पर इतनी ख़ुशी पहले कभी देखी थी? लगता है पूरी मंडली साँस रोके बैठी थी कि जिसे हमने बेल नहीं मिलने दी, कहीं उसे #नोबेल मिल गया तो क्या करें। अब राहत मिली तो बोलना लिखना शुरू। @AltNews #factcheck
- #राष्ट्रपति की तनख़्वाह का हिसाब भी #अयोध्या के ट्रस्ट वालों के हाथ में ही पहुँच गया लगता है। वरना इतना टैक्स कौन ले जा रहा है #टैक्स_फ्री वेतन में से?
- क्या लिखें कि @twitter हैंडल बचा रहे? यह चिंता सता रही है तो बस #BePositive पॉज़िटिविटी क्या होती है? जानने के लिए #Noida और #LP चैनल देखें। और #GoodNews की तलाश करते रहें।
- माननीय @PMOIndia जी। @NITIAayog जी। ऑक्सीजन के लिए भी एक मिस्ड कॉल वाली हेल्पलाइन बनवा दें। लाखों को लाभ होगा, करोड़ों अहसान मानेंगे ।
- आज तो कुछ गिद्ध भी निकले सवाल पूछने। लेकिन उन्हें लगा कि सरकार का मतलब केजरीवाल सरकार ही होता है। बाक़ी बड़े वाले तो फ़क़ीर हैं।
- तुम ही हो गिद्ध @amitmalviyaकोविड की आंधी में जब बड़े-बड़े विकसित देश बिखर गए तब भारत मजबूती से खड़ा था। आज भी खड़ा है। पर विपक्ष में मानो जश्न का माहौल है। देश की आस्था कुम्भ से लेकर श्मशान तक, भारत को शर्मसार करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा... कोई इन गिद्धों से कह दे, यह महामारी का काल है, चुनावी समर नहीं।
- You don’t really need to #track him @sardesairajdeep Go to any road nearby and talk to 10 rickshaw pullers or vendors and you’ll find at least 2-3 such desperate souls. It’s #blackandwhite not any shade of grey.All weekend I have thought of this man: we are trying to track him and hopefully help him. There are ‘two’ Indias: one on the fast track, the other left way behind. Hope one day we can bridge the gap a bit and have a more equal society. 🙏
00:00 - आपका बेटा दो घंटे लेट हो और फोन न मिले तो क्या हाल होता है? वहाँ दो दिन से फोन बंद हैं।
- इस देश को नफ़रत की आग में झोंकने पर संकल्पबद्ध लोग सात साल तक घनघोर निगेटिविटी फैलाने के बाद अब पॉज़िटिव पॉज़िटिव की रट क्यों लगा रहे हैं? क्योंकि अब उन्हें ऐसा करने को कहा गया है। #सुपारी



