Replying to @RebornManish
बचपन मै मैं भी गांधी का विरोध करता था लेकिन जैसे-जैसे गांधी को मैंने पढ़ा और निरंतर अभी पढ़ता भी हूं उनके व्यक्तित्व उनके आदर्श
गांधी के प्रति प्रेम बढ़ता जा रहा है उनको और जानने की इच्छा प्रबल होती जा रही है सच कहूं तो गांधी का कोई तोड़ ही नहीं है






