Pinned
चन्द्रशेखर आजाद के बारे मे एक अंग्रेज अफसर ने लिखा हैं कि मैं रेलवे क्रोसिंग पर चेकिंग कर रहा था।
सूचना थी कि आजाद शहर मे हैं।
दो थानो की मय फोर्स भी साथ थी।
आजाद बुलेट से रुकते हैं, मैं उनको जाने देता हूँ। तभी साथी मातहत सिपाही टोकता हैं, साहब ये पण्डित जी हैं।
कांधे पे जनेऊ,












