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वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को एक झटके में असुरक्षा और अनिश्चितता के संकट में धकेलना न्यायसंगत नहीं है।
उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के समाधान हेतु केंद्र सरकार तत्काल विधायी हस्तक्षेप करे। सेवारत शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा की रक्षा के लिए अखिल














