"सबसे पहले ये साफ़ कर लें , हमने कभी आरक्षण की भीख नहीं माँगी थी।
ना किसी मंच पर खड़े होकर 10% की याचना की,
ये तो सत्ता की राजनीति थी जिसने संतुलन का दिखावा करते हुए हमें 10% थमा दिया।
और आज भी, अगर देश और समाज के व्यापक हित में ज़रूरत पड़े ,
तो हम वो 10% छोड़ने को भी तैयार हैं।
देश में ओबीसी की आबादी लगभग 65% है।
सामान्य वर्ग की आबादी लगभग 10% है।
65% ओबीसी के गरीबों को 27% आरक्षण दिया जा रहा है।
10% सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण मिल रहा है।
दिल पर हाथ रखकर ईमानदारी से कहिए ये सरासर बेइमानी है या नहीं?
इस बेइमानी का ही नतीजा है कि हर सरकारी भर्ती














