Replying to @AnilYadavmedia1
मैं बेचना चाहती हूँ बस माला के मनके,
पर यहाँ आये हैं सब लोग अलग-अलग मन के।
इन्हें कहाँ खरीदने हैं मेरी माला के मनके,
ये निहारना चाहते हैं मेरे नयनों के मनके।
कोई बस मेरी तस्वीर लेना चाहता है,
कोई मुझ से दिल की बातें कहना चाहता है।
पर जो मैं बेच रही हूँ उसके ख़रीददार कम हैं,
अब इस



