ये बर्दाश्त नहीं होगा @uttarakhandcops
ये केवल और केवल गुंडागर्दी है।
खनस्यू मार्केट में फेरी वाले बिना वेरिफिकेशन के फड़ लगा रहे हैं।
स्थानीय नागरिक मनमोहन शर्मा ने एक फेरी वाले से आधार कार्ड क्या मांगा
दरोगा सादिक हुसैन ने थाने ले जाकर मनमोहन भाईको बुरी तरह पीटा ।
दरोगा
शाबाश चंदन।लगे रहो।
जंगल हमारे हैं
हम सबको मिलकर बचाने है।
कल वन विभाग के एक फ़ॉरेस्टर ने चंदन को ज़िंदा गाड़ देने की धमकी दी ।बावजूद इसके वह आज भी उसी जुनून के साथ जंगल बचाने के लिए जूझ रहा है।@pushkardhami जी , वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ये हैं पद्मश्री डॉ जीवन सिंह तीतीयाल
मूल रूप से दारमा वैली, धारचूला पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं।
मानवता और सेवा ही इनका कर्म रहा है
दिल्ली AIIMS में वर्षों की सेवा के बाद रिटायर हुए तो भावुकता छलक उठी
डॉ तीतीयाल जैसे लोगों के सेवाभाव से ही मेडिकल का पेशा गौरवान्वित होता है।
इस मानसिकता से कैसे लड़ेंगे।एक पिता जिसने अभी अभी अपनी 19 साल की बेटी को खो दिया हो।उसके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल। हम कहाँ जा रहे हैं।हर उत्तराखंडी को बेटी की शिक्षा और सुरक्षा के लिए खड़ा होना पड़ेगा।@RSSorg#justiceforankitabhandari
ये ओखलकांडा के चंदन सिंह नयाल हैं। इनका गुनाह सिर्फ इतना है कि पिछले तीन दिन से जल रहे जंगल को ग्रामीणों के साथ आग की लपटों से बचा रहे हैं।
आज जब वन विभाग के अफसर आते हैं, तो सिर्फ इतना पूछने पर कि आप 3 दिन से कहां थे, फॉरेस्टर कहता है, तुझे जिंदा गाढ़ दूंगा।
ये वही चंदन सिंह