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जो लोग पुकारे नहीं गए जिनसे प्रेम नहीं किया गया,जिनके ख़तों का जवाब नहीं मिला और नहीं उठाया गया जिनका फ़ोन।
फिर वे लोग नहीं पुकारते खुद किसी को।
प्रेम से छुड़ा लेते हैं अपना हाथ।नहीं पसारते पाँव फिर चादर बड़ी होने पर भी,भूल जाते हैं ख़त लिखना,फिर नहीं मिलाते वे कोई फ़ोन।
©अज्ञात













