सरकार भलीभांति जानती है कि तथाकथित ‘शांतिदूत’ गजवा-ए-हिंद के सपने के लिए अपनी जनसंख्या तेजी से बढ़ा रहे हैं, जिसका मतलब हिंदुओं का सामूहिक पलायन, धर्मांतरण या नरसंहार है।
मगर अफसोस, सरकार आंखें मूंदे बैठी है, जबकि देश की जनसंख्या संरचना बदलती जा रही है। क्या सरकार एक और
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