ब्रह्मास्त्र से लेकर सुदर्शन चक्र तक बड़े विनाशकारी हथियार थे, पुराण में। लेकिन बाबर जब तोप लेकर आया तो मालूम हुआ कि ये ब्रह्मास्त्र और सुदर्शन चक्र सब ब्राह्मणों की कपोल-कल्पित कहानी मात्र थी।
अगर ऐसा न होता तो मुगल और अंग्रेज कैसे इस देश को गुलाम बना पाते।
सभी देवी देवताओं के
काल्पनिक देवी देवता की तर्कसंगत आलोचना करना कहीं से भी गलत नहीं है। पेरियार ई.वी. रामास्वामी ने 94 साल तक जिंदा रहकर इस बात को साबित किया कि नास्तिकता का धर्म और मृत्यु होने से कोई संबंध नहीं है!
नार्वे, स्वीटजरलैंड, फिनलैंड, नीदरलैंड, जापान जैसे देश जहां व्यक्ति की औसत आयु
यदि रावण राक्षस था, तो सीता के स्वयंवर में उसे न्योता कैसे दिया गया??
...और रावण यदि ब्राह्मण था, तो उसकी बहन राक्षसी कैसे हुई ??
लोगों को मूर्ख बनाना आसान है, लेकिन उन्हें यह समझाना कठिन है कि उन्हें मूर्ख बनाया गया है।