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आजादी जिंदाबाद...
स्वघोषित, स्वयंभू टाइप समाज में वैमनस्य और नफरत पैदा करने वाले लोग आपसे उम्मीद करेंगे कि आप उनके मन-मुताबिक चलो। जैसी उनकी सोच, जो उनको पसंद है वो ही बात करो। वो दिन को अगर रात कहें तो आप भी रात कहो। फिर यह तो चुनाव का टाइम है। मीडिया में स्वतंत्र रूप से काम












