बदहवास
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मैं तो पत्थर हूँ,मेरे माता-पिता शिल्पकार है, मेरी हर तारीफ़ के वो ही असली हक़दार है,,.।। 𝚿🗿
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Joined June 2014
- मैं अपने बारे में बताता हूँ-मेरे जीवन के आधे उम्र नष्ट हो चुके।मेरे कंधों पे इतनी ज़िम्मेदारी है कि आपके पास उतना वक़्त नही की आप सुन सको।मेरी तकलीफ सिर्फ मेरी आत्मा रटती है।मैं बेरोज़गार भी हूँ।मेरा मन कहता है,मैं कुछ न कर पाऊंगा उसी वक्त मेरा माँ आ के कह देती है मेरा राजा बेटा।
- थोड़े पैसे कमाने वाला इंसान, बेरोजगार इंसान का मोटिवेशनल स्पीकर बन जाता है।
- अगर आप हिंदी साहित्य के प्रेमी हैं तो आपको निम्नलिखित उपन्यास जरूर पढ़नी चाहिए – 1. गोदान – प्रेमचंद 2. गुनाहों के देवता – धर्मवीर भारती 3. वे दिन – निर्मल वर्मा 4. पतझड़ – मानव कौल 5. नौकर की कमीज – विनोद कुमार शुक्ल 6. शेखर एक जीवनी – अज्ञेय 7. मैला आंचल – फणीश्वर नाथ रेणु
- पूरी रात पढ़ने की आदत नहीं थी हमें... जबसे जिम्मेदारी आई... मुझमें ये हुनर आ गया...!!
- रात पढ़िए.. सुबह पढ़िए.. शाम पढ़िए.. 📚 जब तक मंजिल तक ना पूछिए पढ़ते रहिए..।। 🏃
- रातों में मैं उस वक्त तक पढ़ते रहना चाहता हूं जब तक कि नींद आंखों पे चढ़ कर तांडव न करने लगे,।।।
- मेरे गरीबी पर हंसा मत करो... मैं भी अपने मां का राजा बेटा हुं,।।
- अपने जीवन को सुधारने का.. एक मात्र साधन पढ़ाई हैं...!!
- पढ़ाई एक ऐसा जरिया है जिसके जरिए तुम अपने पूरी जिंदगी को मौज से काट सकते हो,।।
- बेरोजगार सुन के अनपढ़ समझा क्या... यूपीएससी की तैयारी करता है मैं..!! 😝
- थोड़ा और पढ़ लो.. क्योंकि किसी कोने में कोई आपसे ज्यादा पढ़ रहा होगा..!!! 🚵
- तुम अपने क्षमता के हिसाब से देख लो, मैं तो पागल हूं मैं पूरी रात पढ़ूंगा..!!! 📚💪


