Pinned
Manoj Goyal
12.6K posts
मातृभूमि, स्वदेश, सनातन सर्वप्रथम, राष्ट्रवाद रक्त में, हिन्दुत्व संवर्धन ही जीवनशैली . चिंतन सनातनी समाज व राष्ट्र हेतु. गर्वित सनातनी हिंदू
Joined August 2023
- सुंदरकांड का एक प्रसंग है ... “मैं न होता, तो क्या होता?” “अशोक वाटिका" में जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा तब हनुमान जी को लगा कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सिर काट लेना चाहिये! किन्तु, अगले ही क्षण उन्होंने देखा
- जिनके हृदय में राम बसे, वो वीर हनुमान कहलाए, भूत-पिशाच निकट ना आवे, जहाँ नाम का दीप जलाए। सिंदूर चढ़ा भाल पे जिनके, वो संकट हरने आए, भक्तों की हर एक पुकार पर, पवनसुत दौड़े चले आए। जय बजरंगबली हनुमानजी महाराज की 🙏
- प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं रूपं हि मंडलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि। सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम्॥ 'मैं सूर्य भगवान के उस श्रेष्ठ रूप का प्रातः समय स्मरण करता हूं, जिसका मंडल ऋग्वेद है, तनु यजुर्वेद है और किरणें सामवेद हैं
- कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।। कपूर की तरह शुद्ध श्वेत,करुणा का अवतार, सांसारिक अस्तित्व का सार,जिनकी माला में नागराज हैं,वे सदैव मेरे दिल के कमल के अंदर विराजमान रहें। मैं शिव और शक्ति को एक साथ नमन करता हूं🙏
- ॐ_नमो_भगवते_वासुदेवाय_नमः 🙏 जय_श्री_कृष्ण 🙏🚩 💐🙏 जय श्री हरि विष्णु 🙏💐 🥀🌅 शुभ प्रभात 🌅🥀
- भगवान शिव को जगतगुरु या आदिगुरु माना जाता है, वे स्वयं योग, तंत्र, और जीवन के गूढ़ रहस्यों के ज्ञाता हैं। शिव में विनाश, ध्यान और परिवर्तन की शक्ति है, उनकी शक्तियाँ विशाल और असीम हैं और सृजन, संरक्षण और विनाश के ब्रह्मांडीय चक्र में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
- प्राचीन काल से पवित्र चार धाम ************************* भारत में चार प्राचीन हिंदू तीर्थ स्थल हैं जिनमें शामिल हैं बद्रीनाथ , द्वारका , पुरी और रामेश्वरम। बद्रीनाथ, द्वारका और पुरी विष्णु के मंदिर हैं, जबकि रामेश्वरम शिव का मंदिर है । आदि शंकराचार्य द्वारा परिभाषित
- प्रजापति दक्ष ने यज्ञ करने का फैसला किया और अपने दामाद महारुद्रदेव को छोड़कर सभी को आमंत्रित किया। उसने मन ही मन सोचा कि मैं दुनिया को दिखाता हूँ कि शिव तुच्छ हैं। शिव की पत्नी सती अपने पिता द्वारा किए गए यज्ञ में भाग लेना चाहती थीं। उन्होने शिवजी से चलने के लिए कहा।
- महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्र्वरी। हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ।। ॐ महालक्ष्मै नमो नमः 🙏
- Replying to @KentoddyMPlease support me. Please continuously include my id in your all promotion lists. Thanks a lot. @manojgoyal09
- सूर्य स्तोत्र विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः। लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥ लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा। तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥ गभस्तिहस्तो ब्रह्मा च सर्वदेवनमस्कृतः। एकविंशतिरित्येष स्तव इष्टः सदा रवेः॥

















