Pinned
जब आप जीवन की लड़ाइयों के लिए राम बनकर घर से निकलते हैं, तो कहीं न कहीं कुछ हनुमान, अंगद, विभीषण आपका इंतज़ार कर रहे होते हैं।
आपको यह सोचने की ज़रूरत नहीं है कि आपकी मदद कौन करेगा।
प्रकृति इसी तरह काम करती है।
व्यक्ति के व्यक्तित्व, भाव और भावनाओं से ही उसके भाग्य का







