वो सुर्ख़ी लहंगे की मंज़र सी दिखाई दी,
रेखाएँ कि नीली वो अम्बर सी दिखाई दी।
चंदा सा वो मस्तक पे बोरल सा दिखाई दे,
नथ वो ही जो कानों के ज़ेवर सी दिखाई दी।
मस्तक पे चमकता है चंदा सा वो ही बोरल,
रखड़ी भी थिरकती वो अफ़सर सी दिखाई दी।
- प्रेम में दुख अनिवार्य नहीं, पर गहरे प्रेम की संभावना है। जब आप किसी को पूरी तरह खोलकर चाहते हैं, उसकी पीड़ा आपको छूती है, विछोह या असफलता कष्ट देती है। यह दुख प्रेम की गहराई का प्रमाण भी हो सकता है, परंतु स्थायी प्रेम का लक्ष्य सुख और सहयोग ही होना चाहिए। - भारमल गर्ग "विलक्षण"
- धनतेरस के पावन पर्व, लाए सुख-समृद्धि धाम। धन-वैभव का आगमन, मिटे सबका अभाव अंधेराम।। यम दीपदान का महत्व, दूर करे संकट सारे। आयु आरोग्य बढ़े नित, घर-घर खुशियाँ अपारे।। पंडित. भारमल गर्ग ‘विलक्षण’
- अद्भुत है! विधायक @jivaramchoudhar जी #चौरा गाँव में सड़क इतनी सुंदर बनी है कि मानो काँच चमका दिया हो! सड़क इतनी "स्पष्ट" है कि हर गड्ढा, हर पत्थर दिखाई देता है। जनता भाजपा सरकार की इस अनूठी "पारदर्शिता" पर मुग्ध है। @MlaSanchore @DmJalore @mukeshpareek53 @BhajanlalBjp

